शिविर से एक दिन पहले सडक़ के गड्ढे में डाली गई मिट्टी-मुरुम!
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07 Oct 2026
पाण्डेआठगांव-चान्दागांव मार्ग की बदहाली से ग्रामीणों में नाराजगी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल, 6 अक्टूबर। केशकाल विधानसभा क्षेत्र के पाण्डेआठगांव से चान्दागांव जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। बारिश के बाद सडक़ पर बने बड़े गड्ढे के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गड्ढा बने कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई है।
वहीं, मंगलवार को चान्दागांव में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर प्रस्तावित है। शिविर से एक दिन पहले सोमवार को पंचायत सचिव की मौजूदगी में सडक़ के गड्ढे में मिट्टी और मुरुम डालकर रास्ते को चलने लायक बनाने का काम शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सडक़ की मरम्मत कर दी जाती तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती। ग्रामीण इसे स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी व्यवस्था बता रहे हैं।
वहीं जिम्मेदार विभाग पीडब्ल्यूडी हो या पीएमजीएसवाई दोनों ही विभाग के अधिकारी अपना सडक़ होने से इंकार कर रहे हैं ।
एक दर्जन से अधिक गांवों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
पाण्डेआठगांव से चान्दागांव जाने वाला यह मार्ग आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण जनपद मुख्यालय सहित अन्य स्थानों तक आवागमन करते हैं। विद्यार्थियों को भी रोजाना इसी मार्ग से आना-जाना पड़ता है। बारिश के बाद सडक़ पर बने गड्ढे के कारण दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
दोनों विभागों ने सडक़ को बताया अपने अधीन नहीं
जनपद पंचायत सदस्य सुखड़ू राम मंडावी ने बताया कि सडक़ की खराब स्थिति की जानकारी प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। उनके अनुसार दोनों विभागों के अधिकारियों ने सडक़ को अपने विभाग के अधीन नहीं होने की बात कही।
इससे सडक़ की मरम्मत को लेकर जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
स्थायी मरम्मत की मांग
पूर्व सरपंच मंगल मरकाम ने सडक़ की स्थिति सुधारने की मांग की है। राहगीर बलदेव मरकाम ने कहा कि सडक़ पर बने गड्ढे के कारण रोजाना आवागमन में परेशानी होती है। वहीं कॉलेज छात्रा देवकी कोर्राम ने बताया कि विद्यार्थियों को भी इस रास्ते से आने-जाने में दिक्कत होती है।
ग्राम पंचायत पाण्डेआठगांव के सचिव चैतूराम नेताम ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए फिलहाल गड्ढे में मिट्टी-मुरुम डालकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने का काम किया जा रहा है।
आखिर सडक़ की जिम्मेदारी किसकी?
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ की स्थायी मरम्मत के बजाय बार-बार अस्थायी व्यवस्था करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। ग्रामीण प्रशासन से सडक़ की जिम्मेदारी तय कर स्थायी रूप से सडक़ की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं।