छत्तीसगढ़ /

खैर लकड़ी तस्करी: हिमाचल-ओडिशा से 95 लाख नगदी जब्त, हरिद्वार से एक बंदी

महासमुंद पुलिस की जांच मप्र-हिमाचल से लेकर उत्तराखंड-ओडिशा तक पहुंची अब तक 3.61 करोड़ कैश तथा 70 टन अवैध खैर लकडिय़ां जब्त छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 27 अक्टूूबर। हाल ही में दर्ज खैर लकड़ी तस्करी मामले में महासमुंद जिले से शुरू हुई जांच अब चार राज्यों तक पहुंंच गई है। जिन-जिन राज्यों तक महासमुंद पुलिस पहुंची है, वहां-वहां जांच आगे के साथ-साथ नए-नए और खुलासे होते जा रहे हैं। ताजा कार्रवाई में खैर लकड़ी की अवैध कारोबार से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के फरार आरोपी संजय छापरिया को पुलिस ने हरिद्वार उत्तराखंड से महासमुंद लाया है। उसके बरगढ़ ओडिशा स्थित निवास से 45 लाख कैश तथा उसके सहयोगी टैक्स कंसल्टेंट बरगढ़ निवासी के घर से 15 लाख कैश व हिमाचल प्रदेश में लकड़ी खपाने में मदद करने वाले एक अन्य ठिकाने से दबिश देकर 35 लाख कुल 95 लाख कैश 22 अक्टूबर को जब्त किया है। इस मामले में पूर्व का मिलाकर कुल 3 करोड़, 61 हजार, 52 हजार 880 रूपए कैश जब्त हो चुके हैं। साथ ही कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी के अलावा 5 भारी मालवाहक, 3 कार, 1 पिकअप कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। विवेचना अभी जारी है। महासमुंद पुलिस ने कल शाम जानकारी दी है कि 3 प्रकरण के आरोपियों मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में खैर लकड़ी के अवैध कारोबार की प्रतिस्पर्धा में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के संबंध में थाना सिंघोड़ा जिला महासमुंद में दर्ज अपराध क्र.87-2026 धारा 109-1, 3-5, 189,190,351,126, 127 बीएनएस एवं 25 आम्र्स एक्ट में फरार आरोपी संजय छापरिया को पुलिस टीम द्वारा 18 अक्टूबर को हरिद्वार उत्तराखंड से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस टीम द्वारा ओडिशा के जिला बरगढ़ में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी संजय छापरिया के बरगढ़ स्थित आवास से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित 45 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। साथ ही आरोपी संजय छापरिया द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट निवासी बरगढ़ के पास रखने हेतु दिए गए 15 लाख रुपए भी जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश में आरोपी मनीष अग्रवाल एवं संजय छापरिया को अवैध खैर लकड़ी को खपाने व्ययन में सहायता करने वाले विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। पूर्व में हिमाचल प्रदेश के ठिकानों से तस्करी से अर्जित अवैध रकम 1करोड़, 70 लाख रुपए नकद बरामद कर जप्त किए गए थे। इसी तारतम्य में हिमाचल प्रदेश में ही एक अन्य स्थान पर दबिश देकर 35 लाख रुपए नगद और बरामद कर विधिवत जप्त किए गए हैं। इस प्रकार महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक इस प्रकरण में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3 करोड़, 61 लाख 52 हजार 8 सौ 80 रुपए की नकदी रकम जप्त की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि महासमुंद पुलिस द्वारा आज तक इस अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के विभिन्न राज्यों, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश स्थित ठिकानों में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी भी जब्त की जा चुकी है। इसके साथ ही विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा कुल 9 वाहन जब्त किए गए हैं। जब्त वाहनों के प्रकार के अनुसार प्रकरण में कुल 5 भारी मालवाहक वाहन जिनमें 4 ट्रक एवं 1 डम्पर शामिल हैं। तीन कार जिनमें 01 हुंडई क्रेटा कार, 01 महिंद्रा एक्सयूवी 500 एवं 01 डस्टर कार शामिल हैं। इसके अलावा 1 मालवाहक पिकअप वाहन जब्त किया गया है। जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपए है। मामले में जब्तशुदा अपराध से अर्जित अवैध नगदी रकम 3 करोड़ 61 लाख,52 हजार, 880 रुपए की विधिवत कुर्की एवं आरोपियों को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभों से वंचित करने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में महासमुंद पुलिस की कार्रवाई एवं विवेचना निरंतर जारी है।

Leave Your Comment

Click to reload image