छत्तीसगढ़
राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट विधायकों को सम्मानित किया गया, पत्रकारों को भी मिले सम्मान
रायपुर: विधानसभा में उत्कृष्टता अलंकरण व विदाई समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने वर्ष 2022 के लिए उत्कृष्ट विधायक के रूप में चयनित संगीत सिन्हा और रंजना डिपेन्द्र साहू को सम्मानित किया. वहीं, जागरूक विधायक के रूप में चयनित धर्मजीत सिंह का भी सम्मान किया गया.
कार्यक्रम में राज्यपाल ने उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार के रूप में चयनित पत्रिका से राहुल जैन और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से देवव्रत भगत एवं कैमरामेन रोहित श्रीवास्तव को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल समेत मंत्री और विधायक मौजूद रहे.
छत्तीसगढ़ विधानसभा: अविश्वास प्रस्ताव में हंगामा, नारायण चंदेल ने सरकार को किया आरोपित, जानें विस्तृत जानकारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र में सदन में जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. इस दौरान बिरनपुर की घटना पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ. चंदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, स्थानीय विधायक कोई भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गया. चंदेल ने कहा कि सरकार कितनी संवदेनशील है इससे पता चलता है. पक्ष और विपक्ष के भी मामले में जोरदार बहस हुई.
अविश्वास चर्चा के दौरान नेता-प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. नारायण चंदेल ने कहा कि सरगुजा से बस्तर तक हालात बदत्तर है. बस्तर में नक्सल घटनाएं बढ़ी हैं. संरक्षित जनजाति परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है. सरकार के ऊपर हर कहीं अविश्वास की स्थिति है.
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि सरकार दिशाहीन है. संविधान की शपथ को तार-तार कर दिया. राज्य में क्या माहौल है. चुनाव के पहले होर्डिंग लगे थे कि वक्त है बदलाव का. आज जनता कहती है कि वक़्त है पछताव का. हमने इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाया है कि प्रशासन का राजनीतिककरण हो गया है और राजनीति का आपराधीकरण.
बिंदुवार पढ़िए नेता प्रतिपक्ष ने और क्या कहा ?
बिलासपुर में रेत माफिया नदियों का चीरहरण कर रहे हैं. अरपा नदी का बारह फ़ीट गड्डा खोद दिया गया और तीन बच्चियों की मौत हो गई. पूरे राज्य में अपराध की बाढ़ आ गई है. अपराधियों को कौन संरक्षण दे रहा है.
सत्तापक्ष के लोग एक आईपीएस के गिरेबान पर हाथ डालते हैं. सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है. जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया गया.
जशपुर में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाली जनजाति के चार लोगों की भूख से मौत हो गई लेकिन सरकार का हेलीकॉप्टर वहाँ नहीं उतरा. सुदूर दत्तक पुत्रों का भी अविश्वास सरकार ने खो दिया है.
रिश्वत के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर वाड्रफ़नगर में एक युवक ने आत्महत्या कर ली. बांगो थाने में उप निरीक्षक नरेंद्र परिहार की लाश मिली थी. थाना तक सुरक्षित नहीं है. बैरक टूटा मिला. थाने के भीतर हत्या हो गई.
कवर्धा के पांडातराई से सूचना आई कि कांग्रेस के ही फिरोज ख़ान समेत नौ लोगों के ख़िलाफ़ धारा 420 का प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया है. प्रदेश अध्यक्ष और सांसद के प्रतिनिधि वसूली का काम कर रहे हैं.
पैर के नाखून से सिर के बाल तक भ्रष्टाचार में डूबे हैं. हम व्यक्ति पर प्रहार नहीं कर रहे, हम व्यवस्था पर सवाल कर रहे हैं. आम आदमी के जीवन स्व खिलवाड़ हो रहा है. अमानक दवाओं की ख़रीदी की जा रही है.
बेमेतरा के बिरनपुर में आपराधिक कृत्य के व्यक्तियों ने हत्या कर दी. मृतक के पिता ने 22 लोगों का नाम पुलिस को बताया है लेकिन अब तक पुलिस ने किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की. सरकार के दिये पैसे पीड़ित परिवार ने वापस कर दिया.
जवाब में क्या बोले गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि- मृतक के पिता ने जितने नाम बताए उतने लोगों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है.
नारायण चंदेल ने कहा कि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू बिरनपुर नहीं गये. रविंद्र चौबे वहाँ के विधायक है लेकिन वहाँ जाने की फुर्सत तक नहीं. नेता प्रतिपक्ष की एक टिप्पणी पर गृहमंत्री ने आपत्ति जताई कि उनका बयान ग़लत है.
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि आप ऐसे कह रहे हैं जैसे हम लोगों ने हत्या की है?
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये हम नहीं आप ख़ुद कह रहे हैं. यूपी में हत्या होती है तो वहाँ मिलने जाते हैं, लेकिन बिरनपुर की घटना के बाद वहाँ जाने का वक़्त नहीं.
धरमलाल कौशिक ने कहा कि समाज के लोगों ने जब गृहमंत्री से मुलाक़ात हुई.
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि समाज के लोगों ने तो बंद नहीं कराया था. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को आगे आकार आग में झोंकने की क्या ज़रूरत थी.
नारायण चंदेल का दिया गया बयान निंदनीय- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नारायण चंदेल का दिया गया बयान निंदनीय है. यदि आपके पास कोई तथ्य है तो सामने रखिए. केंद्रीय मंत्री बेनी ने एक किसान के बेटे को रौंदा था, इसलिए हम यूपी गए थे.
रात में अब लोगों को बाहर घूमने से डर लगने लगा है- चंदेल
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि रात में अब लोगों को बाहर घूमने से डर लगने लगा है. पूरे देश में डकैती में चौथे, हत्या में तीसरे, फिरौती में छँटवे स्थान पर छत्तीसगढ़ है. बस्तर के क्या हालात हैं. बद से बदतर स्थिति है वहां की. इंद्रावती के उस पार सुदूर गाँवों में लोग इलाज के अभाव में मर रहे थे. मंत्री उन्हें दवा तो पहुंचाते. कांग्रेस सरकार बनने के बाद नक्सल घटना में बढ़ोतरी हुई है. कांग्रेस सदस्यों ने नक्सल पर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई.
चंदेल ने पूछा कि झीरम की घटना में कौन मोटरसाइकिल लेकर भागा था. बस्तर के लोग ख़ौंफ़ में है. बस्तर में बीते तीन सालों में सौ से ज्यादा निरीह लोग मारे गये हैं. नक्सली कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार चल रही है. कोई उनका कुछ नहीं कर सकता. एनसीआरबी की रिपोर्ट में 55 सुरक्षाबल के जवानों की मृत्यु हुई है.ड्यूटी कर रहे जवान क्यों आत्महत्या कर रहे हैं.
चंदेल ने कहा कि झीरम का सबूत जेब में है तो निकाल लें. गुम हो गया है तो बता दें. बीजेपी के नेता जो बस्तर में रहते हैं उन्हें नक्सली धमकी देते हैं कि आप पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं जाएँगे. बैठकों में नहीं जाएँगे. क्या नक्सलियों को वहाँ प्रशासन का ख़ौफ़ नहीं है. बस्तर के कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है.
पीसीपीएनडीटी एक्ट के राज्य सलाहकार समिति बैठक में हुई एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा
रायपुर: पीसीपीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के अंतर्गत गठित राज्य सलाहकार समिति की बैठक आज डीकेएस भवन परिसर स्थित राज्य नोडल एजेंसी कार्यालय में हुई। पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य में इस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन एवं इसके विभिन्न प्रावधानों के परिपालन पर चर्चा हुई।
राज्य सलाहकार समिति की बैठक में सोनोग्राफी मशीन में एक्टिव ट्रेकर लगाने संबंधी भारत सरकार से प्राप्त रिपोर्ट पर विचार-विमर्श किया गया। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एमबीबीएस डॉक्टरों के सोनोग्राफी प्रशिक्षण के अगले बैच के लिए नियमावली तैयार करने पर भी चर्चा की गई। विगत 31 मार्च को हुई समिति की पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की जानकारी भी बैठक में दी गई।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के संयुक्त संचालक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में रेडियो डायग्नोसिस के प्राध्यापक डॉ. विवेक पात्रे, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार प्रसाद खंडवाल, मेडिसीन विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. आर.के. पटेल, स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. महेन्द्र सिंह, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री धवल सिन्हा और पीसीपीएनडीटी कन्सल्टेंट सुश्री वर्षा राजपूत भी बैठक में उपस्थित थीं।
‘‘हैलो जिंदगी‘‘ अभियान के दौरान रायपुर पुलिस ने अवैध रूप से शराब के साथ गिरफ्तार किया महिला आरोपी नीरा बघेल
रायुपर पुलिस : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री प्रशांत अग्रवाल द्वारा शासन के मंशानुसार समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों सहित प्रभारी एण्टी क्राईम एवं साईबर यूनिट को अन्य राज्यों से आने वाले शराब की तस्करी रोकने के साथ ही अवैध रूप से शराब की खरीदी-बिक्री करने वाले लोगों के संबंध में पतासाजी कर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिसके तारतम्य में रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों सहित ए.सी.सी.यू. टीम द्वारा इस संबंध में सूचना संकलन कर मुखबीर लगाने के साथ ही अन्य माध्यमों से भी जानकारी एकत्रित किए जा रहे है।
इसी क्रम में दिनांक 21.07.2023 को थाना तेलीबांधा पुलिस की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तेलीबांधा क्षेत्रांगतर्गत जोरा स्थित साहू पारा के निर्माणधीन मकान पास एक महिला अपने पास बिक्री करने हेतु अवैध रूप से शराब रखा है, कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी तेलीबांधा के नेतृत्व में थाना तेलीबांधा पुलिस की टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर मुखबीर द्वारा बताये हुलिए की महिला को चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में महिला ने अपना .नाम नीरा बघेल निवासी तेलीबांधा रायपुर की होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उसके पास रखें थैले की तलाशी लेने पर थैले में शराब रखा होना पाया गया।
शराब रखने के संबंध में नीरा बघेल से वैध दस्तावेज की मांग करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज प्रस्तुत न कर टीम के सदस्यों को लगातार गुमराह किया जा रहा था। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा महिला आरोपी नीरा बघेल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध रूप से रखें कुल 34 पौवा देशी शराब कीमती लगभग 4,000/- रूपये तथा बिक्री रकम नगद 300/- रूपये जप्त कर महिला आरोपी के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 446/23 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।
गिरफ्तार आरोपी - नीरा बघेल पति संतोष बघेल उम्र 29 साल निवासी साहू पारा जोरा थाना तेलीबांधा जिला रायपुर।
छत्तीसगढ़ में अभी कोरोना का कोई सक्रिय मरीज नहीं
रायपुर: छत्तीसगढ़ में अभी कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे कोविड-19 के एक मरीज के आज स्वस्थ होने के बाद प्रदेश में इसके मरीजों की संख्या शून्य हो गई है। आज कोरोना के लक्षण वाले 115 व्यक्तियों के सैंपल की जांच में एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह और एमओयू निष्पादन कार्यक्रम में 22 जुलाई को भूपेश बघेल शामिल होंगे
राजधानी में आयोजित ‘दास्तान-ए-कबीर’ कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 22 जुलाई को राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों सहित दुर्ग जिले के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे पूर्वान्ह छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह 2022 तथा शासकीय आईटीआई के उन्नयन हेतु एमओयू निष्पादन कार्यक्रम और शाम को मेडिकल कॉलेज परिसर रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित दास्तान-ए-कबीर कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत 22 जुलाई को पूर्वान्ह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचेंगे और वहां 11.30 बजे से 2 बजे तक आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह 2022 तथा शासकीय आईटीआई के उन्नयन हेतु एमओयू निष्पादन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे इसके पश्चात् दोपहर 2.20 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर 2.40 बजे दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड अंतर्गत अखराभाठा हेलीपेड पहुंचेंगे। वे वहां से कार द्वारा ग्राम सांतरा के लिए रवाना होंगे। श्री बघेल कार्यक्रम पश्चात् 3.45 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर लौट आएंगे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रात्रि 8 बजे राजधानी के मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित ‘दास्तान-ए-कबीर’’ कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा - अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं
विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की बात की और इसे साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं है। प्रजातंत्र में विपक्ष का अधिकार होता है कि वे अविश्वास करे। सत्ता पक्ष के पास भी मौका होता है कि अपनी बात रखें। इन्होंने 109 आरोप लगाए पर कोई तथ्य नहीं दिए। पहले जब अविश्वास प्रस्ताव आता था तब नक्सली समस्या पर पहले बात होती थी। इस बार सदस्यों ने नही की। ये हमारी उपलब्धि है।
आप इंद्रावती के उस पार गए क्या ये संभव था। ये इसलिए हुआ कि इस समस्या पर काम हुआ। अभी भेंट मुलाकात में बस्तर में रात रुका, सभी से मिला। जो सबसे बड़ा कमेंट मिला जिसने मेरे दिल को छू लिया। जैन समाज के लोगों से मैंने पूछा कि इन चार सालों में क्या फर्क आया। उन्होंने कहा कि रिश्ता करने में बस्तर में अब दिक्कत नहीं होती है। आसानी से लोग रिश्ता दे देते हैं क्योंकि बस्तर बदल गया है। पहले बस्तर में सड़कें काट दी जाती थी आज सड़के काटी नहीं जाती, ये परिवर्तन बस्तर में देखने को मिला है। पिछली सरकार ने जो स्कूल बंद करा दिए थे, उसे हमने आरम्भ कर दिया। राशन पहुंचाना भी पहले टेढ़ी खीर थी। अब कितना आसान हो गया है। ये बदलाव आया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात की।
उन महापुरुषों को, कलाकारों और राजनीतिक दलों के लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण में अपना योगदान दिया। परिवर्तन केवल सत्ता के लिए नहीं होना चाहिए। यह लोगों के जीवन मे होना चाहिए इसलिए परिवर्तन की मशाल लेकर हमारे नेता परिवर्तन यात्रा में निकले थे। आज हमने किसानों की जिंदगी बदली है। बस्तर, सरगुजा में परिवर्तन हुआ है। महिलाओं के जीवन मे बदलाव आया है। जब बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश में बोलते हैं तब संतोष होता है। आरडी तिवारी स्कूल में पहले 56 बच्चे पढ़ रहे थे। अब हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अब ऐसे स्कूल नहीं चल रहे जो गुणवत्ता नही देते, लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं। बस्तर के बच्चों को शिक्षित कर दीजिए, सुपोषित कर दीजिए, वे अपनी जिंदगी स्वयं संवार लेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी हमने किसानों को दी। हमारे प्रदेश का किसान आज बहुत खुशहाल है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अब मैं डीएमएफ के बारे में जानकारी देता हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने मीटिंग ली। सभी खदान आदिवासी अंचल में थी। मैंने पूछा कि आदिवासियों के जीवन मे क्या परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि नहीं आया। हमने कहा कि यह होना चाहिए। हमने कहा कि इससे स्कूल बनाओ, सड़क बनाओ। डीएमएफ का तभी सही उपयोग होगा। मलेरिया में हमने बड़ा काम किया और यह काफी घट गया। उल्टी दस्त का एक भी प्रश्न विधानसभा में बस्तर से नहीं लगा। बस्तर में आज डॉक्टर है, नर्स हैं। ब्लड बैंक बनवाये गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर जब हम निकले, कितनी बाधा आई। कोरोना आया। सबकी मदद से हमने अपना संकल्प पूरा किया। सबने इसके लिए सहयोग किया। पांच साल में आये परिवर्तन के बारे में उन्होंने बताया। आज जिले 33 हो गए। तहसील भी बढ़ गए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ गई। धान खरीदी 56 लाख से 110 लाख मीट्रिक टन हो गई। रकबा भी बढ़ गया। धान खरीदी केंद्र 2400 हो गए। राजीव गांधी न्याय योजना, भूमिहीन ग्रामीण श्रमिक योजना, गोधन न्याय योजना हमने आरम्भ की। 10 हजार से अधिक गौठान बनाये। उर्जिकृत पंप 4 लाख हो गए। एकल बत्ती कनेक्शन 15 लाख से 17 लाख हो गए। आपके समय तो 105 करोड रुपए का ऋण माफ हुआ था, हमने तो 9500 सौ करोड़ का ऋण माफ किया है। केसीसी आपके समय में 14 लाख दिए गए। वह अब बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। 245 करोड़ का गोबर खरीदा और 291 करोड़ की सामग्री बेचा, यह घाटे का सौदा नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह कबीर की भूमि है। बाबा गुरु घासीदास की भूमि है। शांति का टापू है। अपनी संस्कृति के लिए हम काम कर रहे हैं।
पीएससी समेत सभी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़िया युवाओं से किए खिलवाड़ पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिये : ओ पी चौधरी
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को यूपीएससी के टॉपर्स को राजधानी बुलाकर वर्कशॉप कराए जाने पर तंज कसा है। श्री चौधरी ने कहा कि पिछले पौने पाँच सालों में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भर्ती में माफिया, पीएससी में माफिया, व्यापमं में माफिया राज चलाया है। पीएससी में पैसा और परिवार चला है। ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़िया युवा भाई-बहनों के मन में जो दर्द है, उस दर्द का ज़वाब कौन देगा? उन सवालों का ज़वाब कौन देगा?
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लवासना में पहले कहा जाता था कि एक राज्य के तौर पर छत्तीसगढ़ को आप कुछ भी कंसीडर करिए, आईएएस के अच्छे काम करने की दृष्टि से काडर के तौर पर एक बेहतरीन काडर कहा जाता था। भूपेश सरकार ने प्रदेश की इतनी दुर्गति की कि अब कहा जाता है कि आईएएस के काम करने की दृष्टि से यह एक सबसे बदतरीन काडर है। श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह से तबादला उद्योग चला है, जिस तरह से भर्ती में माफिया राज चला है, जिस तरह से पोस्टिंग में पैसों का प्रचलन और भ्रष्टाचार चला है और जिस तरह से माफिया राज के कारण ईडी के और अन्य मामलों में अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है, वह कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति का परिणाम है। कांग्रेस की इस राजनीति के कारण यह स्थिति बनी है कि युवाओं ने अब नौकरी आदि के सपने देखना भी छोड़ दिया है। श्री चौधरी ने कहा कि चुनाव से महज तीन महीने पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस तरह का वर्कशॉप कराके छत्तीसगढ़िया युवा भाई-बहनों के मन का दर्द दूर नहीं कर सकते। आने वाले समय में ये छत्तीसगढ़िया भाई-बहन अपने दर्द का ज़वाब ज़रूर देंगे।
राज्यपाल श्री हरिचंदन करेंगे राज्य के विश्वविद्यालयों के कार्यो की समीक्षा 25 और 26 जुलाई को राजभवन में होगी बैठक
रायपुर: राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन 25 जुलाई को राज्य के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों और 26 जुलाई को राज्य के निजी विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्य एवं अन्य कार्यो की समीक्षा करेंगे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित रहेंगे। बैठक दोनो दिन प्रातः 11 बजे से राजभवन में आयोजित होगी।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की स्थिति, नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन कौंसिल) द्वारा विश्वविद्यालयों एवं संबंद्ध महाविद्यालयों के मूल्यांकन की स्थिति, ग्रेडिंग और संस्थानों द्वारा नेक ग्रेडिंग सुधारने के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पदों पर भर्ती एवं नियुक्ति आदि की समीक्षा भी की जायेगी। बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं के मध्य हुए एम.ओ.यू., अकादमिक सत्र के पालन, परीक्षाओं एवं परिणाम के समय पर जारी करने के संबंध में एवं विश्वविद्यालयों द्वारा कराए गए विशेष अनुसंधान, नवाचार आदि की जानकारी भी ली जाएगी।
नियमितिकरण के लिए अनशन पर बैठे संविदा कर्मी की हालत नाजुक, धरनास्थल पर बेहोश होकर गिरा...
रायपुर: नियमितिकरण की मांग को लेकर संविदा कर्मचारी अनशन पर बैठे हैं. हड़ताल के 19वें दिन आमरण अनशन के 48 घंटा के बाद संविदा कर्मचारी प्रेम राजपूत की हालत नाजुक हो गई है. कर्मचारी का का शुगर, बीपी लेवल डाउन होने के कारण कर्मचारी धरना स्थल बेहोश हो गया.
एक घंटा से ज्यादा समय होने के बाद भी आंख नहीं खोलने पर उसे अभनपुर हॉस्पिटल भेजा गया है. जहां जाच की जा रही है.
बता दें कि नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन करने आए साथियों में एक साथी की इस हालत से अन्य संविदा कर्मचारी स्तब्ध हैं. आज सरकार संवाद स्थापित नहीं कर रही. इधर कर्मचारी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
विधानसभा में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को घेरा
गूंगी बहरी सरकार को सुनाने के लिए अंग्रेजों के शासन काल में नौजवानों ने धमाका किया था। आज छत्तीसगढ़ में काले अंग्रेजों का शासन है उन्हें जगाने के लिए प्रदेश के नौजवानों ने नग्न प्रदर्शन किया है। लेकिन यह सरकार अंग्रेजी से भी बदतर है जो उन नौजवानों के खिलाफ अपराध दर्ज कर रहे हैं।
यह अंतर्द्वंद की सरकार मुख्यमंत्री को मंत्री पर भरोसा नहीं है। मंत्री को मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं, सत्ता को संगठन पर भरोसा नहीं। सब एक दूसरे को अपमानित करने में लगे हैं।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियों रेत चोरों के हवाले कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ नदियों का सीना चीर के वे लूट मचा रखे हैं। रेत खदान में छत्तीसगढ़ की तीन बेटियां समा जाती है, यह सरकार उनकी हत्या की दोषी है।
इस सरकार के राज में कोई खुश नहीं है। विधायक, मंत्री के ऊपर जान से मारने का आरोप लगाता है। यह सरकार गरीबों को मकान नहीं दे पा रही है, यह सरकार गरीबों को नल नहीं लगा पा रही है।
मोहन मरकाम जी, आप तो इसी सदन में सरकार पर डीएमएफ के पैसे में घोटाला करने का आरोप लगा रहे थे।
राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्तुत कर सदन छोड़ चले गए थे।
फिर क्या मजबूरी थी कि आप 3 माह के लिए झुनझुना पकड़ने तैयार हो गए।
बृजमोहन जी ने इस कविता के साथ अपना भाषण समाप्त किया -
योग आयोग द्वारा सात दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित
प्रशिक्षणार्थियों ने दैनिक जीवन में योग के प्रभाव और फायदों को जाना
रायपुर: छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा रायपुर के वी.आई.पी. रोड फुण्डहर स्थित योग भवन में आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर में योग प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों द्वारा दैनिक जीवन में योग के प्रभाव और फायदों के संबंधों में बताया जा रहा है। शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को डॉ. दिनेश नाग ने योग के साथ आयुर्वेद के संबंध व प्रभाव के बारे में बताया और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा जैन ने प्रसव के दौरान योग की भूमिका विषय पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही श्री लच्छू राम निषाद ने यम, प्रत्याहार, धारणा पर प्रकाश डाला, श्री सी. एल. सोनवानी ने षटकर्म के बारे में बताया। इस अवसर पर योग आयोग के सचिव श्री एम. एल. पाण्डेय सहित योग प्रशिक्षकगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि रायपुर, बिलासपुर एवं बस्तर संभाग के सफल आयोजन के बाद सरगुजा संभाग के प्रशिक्षणार्थियों के लिए सात दिवसीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सरगुजा संभाग के सभी जिलों से लगभग 130 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ 15 जुलाई को शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला के मुख्य पुजारी श्री इंदुभवानंद जी महाराज के मुख्य आतिथ्य और छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए नियमित योग करना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: गौवंश और गोबर के मुद्दे के दौरान चारा घोटाला से भी बड़ा गोबर घोटाला प्रश्नकाल में उठा
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान गौठान और गोबर का मुद्दा उठा. भाजपा विधायकों ने गौठान के नाम पर पूरे छत्तीसगढ़ में घोटाला होने की बात कहते हुए कहा कि चारा घोटाले से भी बड़ा गोबर घोटाला है.
विधानसभा में गौठान और गोबर का मसला उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि गौठान से संबंधित जानकारी गलत दी गई है. ऐसा तो नहीं अपूर्ण गौठानों की वस्तु स्थिति को छुपाने की कोशिश की जा रही है. कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि जानकारी बिल्कुल सही दी गई है. कोई गड़बड़ी नहीं है.
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,336 गौठान स्वीकृत हैं, इसमें 10,240 गौठान बन गए हैं, 84 गौठान नहीं बने हैं. 2 जनवरी 2019 से 30 जून 2023 तक कुल 1,23,19,845.64 क्विंटल गोबर सरकार ने खरीदा है, जिसकी राशि 24,639.69 लाख भुगतान किया गया. 2 सौ 91 करोड़ से ज्यादा का गोबर बेचा गया है. इसमें नुकसान नहीं बल्कि फायदा हुआ है.
भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि करीब 246 करोड़ का गोबर खरीदा गया है, और सरकार की ओर से 17 करोड़ का गोबर बेचा गया है, फिर 229 करोड़ का गोबर कहां गया? मंत्री ये बताएं कि ये 229 करोड़ रुपए कहां गए? ये चारा घोटाला से बड़ा भी गोबर घोटाला है.
मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हमने सभी जानकारी दे दी है. इस पर शिवरतन शर्मा ने कहा कि गौठान के नाम पर पूरे छत्तीसगढ़ में घोटाला हो रहा है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कृषि मंत्री बदल गए, लेकिन गौठान दिखाने हमको नहीं ले गए. ये बड़ा घोटाला है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किस कोल्ड स्टोरेज में गोबर रखा गया है ये बता दीजिए.
बीज सप्लायर पर मंत्री से किए सवाल
इसके पहले विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक रामपुकार सिंह ने रेडी टू ईट के साथ बीज सप्लाई को लेकर मंत्री अनिला भेड़िया से जानकारी मांगी. जिले के अंदर कौन है, जो बीज की सप्लाई कर रहा है? जबाव में मंत्री अनिला भेड़िया ने सप्लायर का नाम गुड्डू बताया.
रामपुकार सिंह ने कहा कि सप्लायर छत्तीसगढ़ के बाहर का व्यक्ति है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि अगर पूछा जा रहा तो उनका नाम बताया जाना चाहिए. मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि जो जानकारी और व्यक्ति का नाम पूछा गया है, उस पर मैने संतोषजनक जवाब दे दिया है.
चेंबर ने प्रस्तावित होलसेल कॉरिडोर के लिए ली व्यापारिक संघों की बैठक
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी प्रपत्र अनुसार व्यापारिक संघों से लिए गए आवेदन
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि नया रायपुर में 1000 एकड़ में प्रस्तावित होलसेल कारिडोर के लिये लैंडयूज बदला जा चुका है। होलसेल कारिडोर में स्थान लेने हेतु एनआरडीए (नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण) द्वारा जारी प्रारूप के अनुसार व्यवसायिक संघों को आवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है जिसके परिपेक्ष्य में आज चेंबर भवन में छत्तीसगढ़ चेंबर अध्यक्ष श्री अमर पारवानी जी के नेतृत्व में प्रस्तावित, दक्षिण मध्य एशिया के सबसे बड़े होलसेल कॉरिडोर के लिए आवेदनकर्ता विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रमुखों के साथ बैठक का आयोजन किया गया जिसमे चेंबर के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण भी उपस्थित रहे।
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी द्वारा स्वीकृत इस महती योजना एवं चेंबर का विजन अब जल्द ही मूर्त रूप लेने तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित नए होलसेल कॉरिडोर की परिकल्पना से प्रदेश के समस्त व्यापारी भली भांति परिचित हैं।
श्री पारवानी जी ने आगे बताया कि प्रस्तावित होलसेल कॉरिडोर को लेकर एनआरडीए ‘‘नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण‘‘ द्वारा व्यवसायिक संघों के लिए उनके आवश्यकताओं के अनुरूप एक प्रपत्र जारी किया गया है जिसे व्यापारिक संघों के प्रमुखों द्वारा, जिन्होंने होलसेल कॉरिडोर में स्थान पाने हेतु आवेदन दिया है, उन्हंे उक्त प्रपत्र अनुसार आवेदन मांगा गया जिन्हें चेंबर द्वारा व्यवसायिक संघों के प्रमुखों से भरवाया गया तथा उपस्थित व्यापारियों एवं संघ प्रमुखों को इस विषय से संबंधित विभिन्न जानकारी दी गई।
बैठक में श्री मनीष पल्लीवार जी द्वारा होलसेल कॉरिडोर मॉडल को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतुत किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित होलसेल कॉरिडोर उपरोक्त अंतर्राष्ट्रीय बाजारों जैसा विशाल और व्यवस्थित होगा। यह होलसेल कॉरिडोर स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अटल नगर (नया रायपुर) रेलवे स्टेशन निर्माणाधीन तथा भारत माला सड़क परियोजना एवं एनएच 30 के समीप होगा जो भौगोलिक रूप से हमारी सीमा से लगे उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और झारखंड की मांग की आपूर्ति कर सकेगा तथा प्रदेश के व्यापार को नई ऊंचाई, दिशा और गति देगा, साथ ही साथ संपूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ मॉडल के एक अनूठे और सबसे बड़े व्यवसाय क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। यह एक स्वकेंद्रित और सभी तरह के थोक व्यापार के लिए एक ही स्थान पर सर्वसुविधायुक्त परिसर होगा जो भविष्य में 50 से 100 वर्ष तक निर्बाध-निर्विघ्न व्यवस्था के अनुकूल होगा।
यह देश का प्रथम पर्यावरण संतुलित बाजार होगा जिसमें सोलर एनर्जी वाटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रीसाइकलिंग तथा गार्बेज रिसाइकलिंग की भी व्यवस्था होगी तथा पर्यावरण संतुलन हेतु पूरे क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण भी होगा। प्रस्तावित बाजार को विभिन्न सेक्टरों में वर्गीकृत किया गया है जिससे आगंतुक ग्राहकों को गंतव्य तक खरीदने में किसी प्रकार की समस्या ना हो, मूलभूत सुविधाएं जैसे पेट्रोल पम्प, बैंक, एटीएम, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, शौचालय, हमालों के लिए विश्राम स्थल, खानपान के स्टाल, धर्म कांटा, ट्रकों एवं अन्य वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था आदि का भी ध्यान रखा गया है।
कांग्रेस सरकार में विधानसभा के सामने युवा नग्न प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार आँखें मूँदकर बैठी है - चंदेल
कांग्रेस अपना राज देख लें, विधानसभा के सामने नग्न प्रदर्शन हो गया- चंदेल
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि मणिपुर की घटना अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है, कांग्रेस के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। उनको छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार को देखना चाहिए।उनकी सरकार में विधानसभा के सामने युवा नग्न प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार आँखें मूँदकर बैठी है। नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने कहा कि कांग्रेस पहले अपने घर को संभाले। पहले अपने प्रदेश की जनता की चिंता करे।
मणिपुर तो बहुत दूर है। घर जल रहा है। यहां लोग अपनी मांगों को लेकर नग्न प्रदर्शन कर रहे हैं और आज आप उनको सबको अपराधी करार दे रहे हैं। जो आपके खिलाफ बोलेगा, वह अपराधी है। क्या छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र नहीं है। क्या आपातकाल लग गया है। आपातकाल लगाने की घोषणा करवा दीजिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को और कांग्रेस के लोगों को पहले अपने घर को देखना चाहिए, जो वे नहीं देख रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है, किसके संरक्षण में हो रहा है। जनता सब देख रही है। बेमेतरा के बिरनपुर में जेहादी उन्माद में निर्दोष युवा को सरेआम मौत के घाट उतार दिया जाता है। पीड़ित के पिता द्वारा उन्मादियों के नामजद होने पर भी उन पर कार्रवाई नहीं होती। बस्तर में आदिवासी अस्मिता खतरे में है। कांग्रेस सरकार के संरक्षण में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण हो रहा है। भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ के आदिवासी की चिंता क्यों नहीं है।
प्रदेश सरकार के खिलाफ युवाओं का पूर्णत: नग्न प्रदर्शन छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाली घटना है - भाजपा
नग्न प्रदर्शन पर भाजपा नेताओं ने सयुक्त बयान में कहा
अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग कभी कांग्रेस को माफ नही करेंगे
कांग्रेस सरकार ने अन्याय की पराकाष्ठा की
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष द्वय विष्णुदेव साय व विक्रम उसेंडी, पूर्व सांसद रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप, महिला मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य लता उसेंडी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन मार्कण्डेय ने कहा है कि प्रदेश सरकार के खिलाफ युवाओं का पूर्णत: नग्न प्रदर्शन छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाली घटना है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ युवाओं का आक्रोश अब इस स्तर तक पहुँचकर फूटा है! अपने संयुक्त वक्तव्य में भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़ और पूरे देश में ऐसा प्रदर्शन पहले कभी नहीं हुआ। क्या मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यही छत्तीसगढ़ियावाद है कि छत्तीसगढ़ के युवा अपने न्याय और हक की लड़ाई के लिए निर्वस्त्र होकर सड़कों पर दौड़ें?
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने यदि समय रहते फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी के इन मामलों में कार्रवाई की होती तो छत्तीसगढ़ महतारी के युवा पुत्रों को इस तरह शर्मनाक प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आती। आज छत्तीसगढ़ महतारी शर्मिन्दा है कि उसकी औलादों को निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन करना पड़ा। युवाओ के इस प्रदर्शन में वस्तुत: युवा नग्न नहीं हुए हैं, बल्कि प्रदेश की जनता के सामने पूरी राज्य सरकार ही नंगी हो गई है। पूरे प्रदेश का आदिवासी और अनुसूचित जाति समाज कांग्रेस को कतई माफ नहीं करेगा। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार की अकर्मण्यता और उसकी विभाजनकारी स्वार्थी राजनीति के कारण यह दु:खद परिस्थिति उत्पन्न हुई है। इस प्रदर्शन में जितने युवा शामिल थे, उन्होंने शासन-प्रशासन ने काफी समय पहले ही यह सूचित कर दिया था कि इस मामले में वे ऐसा प्रदर्शन करेंगे। लेकिन, प्रदेश सरकार ने न तो इस पर कोई विचार किया और न ही इसकी गंभीरता को समझने की जरूरत महसूस की। इससे कांग्रेस की इस प्रदेश सरकार की अक्षमता प्रमाणित होती है। जब प्रदेश सरकार सामान्य प्रक्रिया के तहत एस एक मामले का समाधान नहीं कर सकी है तो किसी बड़े और गंभीर संकट का सामना वह कैसे कर सकेगी?
भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं को पूर्णत: नग्न प्रदर्शन के लिए विवश करने के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। प्रदेश सरकार अब अपनी नाकामियों का ठीकरा पूर्ववर्ती सरकार पर फोड़कर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। यदि नियुक्ति में हुई गड़बड़ी भाजपा शासनकाल की है तो कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आए पाँच साल हुए हैं तो कार्रवाई करके इस गड़बड़ी को कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने क्यों नहीं ठीक किया? 26 अक्टूबर 2019 और 25 नवंबर 2020 के सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश से यह प्रमाणित है कि प्रदेश सरकार के संज्ञान में यह विषय था लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि दरअसल प्रदेश सरकार का सारा ध्यान घपलों-घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपियों को जिला अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बचाने में ही रहा, प्रदेश का पूरा संसाधन भ्रष्टाचारियों को बचाने में खर्च किया जाता रहा। इस कारण प्रदेश सरकार का ध्यान न तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर रहा, न प्रदेश के युवाओं समेत सभी वर्गों की न्यायोचित मांगों के समाधान में रहा और न ही अपने उन वादों को प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पूरा किया, जो उसने पिछले विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में किए थे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि अब या तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस शर्मनाक प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा दें या फिर राज्यपाल महोदय विश्वभूषण हरिचंदन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुए नग्न प्रदर्शन की घटना पर संज्ञान लेकर आवश्यक वैधानिक पहल करने और प्रदेश की सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करें। इस संवेदनहीन सरकार को तत्काल बर्खास्त कर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। युवाओं की मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उसका शीघ्र निराकरण किया जाय व फर्जी प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाए। इस दु:खद मामले की उपेक्षा करने वाले शासन-प्रशासन के लोगों की जिम्मेदारी तय हो और उन्हें भी दंडित किया जाए। यह घटना छत्तीसगढ़ में युवाओं की संभावनाओं का चीरहरण है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रदेश के 100 अस्पतालों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र
बलरामपुर से सुकमा तक प्रदेश के अस्पतालों को लगातार मिल रहा है गुणवत्ता प्रमाण पत्र
रायपुर: प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने वाले प्रदेश के 100 अस्पतालों को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है। पिछले पांच वर्षों में ही प्रदेश के इन अस्पतालों का भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता सर्टिफिकेशन किया गया है। इनमें बलरामपुर से लेकर सुकमा तक के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं। राज्य के कई शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी गुणवत्ता प्रमाण पत्र से नवाजा जा चुका है।
उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। अस्पतालों की अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ही मेडिकल उपकरणों और पर्याप्त दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टॉफ की लगातार भर्ती से पर्याप्त मानव संसाधन भी जुटाया जा रहा है। इनसे शासकीय अस्पतालों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के मूल्यांकन के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां के 100 अस्पतालों को एनक्यूएस प्रमाण पत्र प्रदान किया है।
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2018 तक राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त एक भी अस्पताल नहीं था। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2018-19 में पहली बार प्रदेश के छह अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था। इसके बाद 2021-22 में 43 और 2022-23 में 36 अस्पतालों का सर्टिफिकेशन किया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक नौ अस्पतालों को यह प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। मुस्कान (MusQan) कार्यक्रम के अंतर्गत शिशु स्वास्थ्य संबंधी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी राज्य के चार अस्पतालों को गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक और मुस्कान कार्यक्रम के तहत सर्टिफिकेशन के पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।