बस्तर में राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन, डॉ. भूटानी ने दिया सहकारिता के सशक्तिकरण और स्थानीय समाधानों पर जोर
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10 Oct 2026
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 9 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन सहकार से समृद्धि के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने देश भर में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सहकारिता के लिए कोई एक समान मॉडल लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्येक राज्य की भौगोलिक स्थिति, चुनौतियां और क्षमताएं पूरी तरह से भिन्न हैं। ऐसे में सभी राज्यों को अपने स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विशिष्ट समाधान तलाशने होंगे और कार्यशाला के अनुभवों के आधार पर तुरंत एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर उसकी समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
जमीनी स्तर पर सहकारिता के विस्तार को रेखांकित करते हुए सचिव डॉ. भूटानी ने कहा कि आगामी दो से तीन वर्षों में लगभग 95 हजार नई प्राथमिक कृषि साख समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्राम स्तर पर एक मजबूत ढांचा खड़ा किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की आर्थिक स्थिरता तभी संभव है जब उनकी नींव यानी पैक्स आर्थिक रूप से सक्षम और सक्रिय हों। इसके साथ ही, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर बल दिया।
सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के संदर्भ में सहकारिता सचिव ने नाबार्ड द्वारा विकसित किए जा रहे एकीकृत कोर बैंकिंग सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म की प्रगति साझा की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तकनीकी उन्नयन से सहकारी बैंक भी बड़े वाणिज्यिक बैंकों के समकक्ष खड़े हो सकेंगे। हालांकि वित्तीय लेन-देन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने साइबर सुरक्षा तंत्र को पुख्ता करने और किसी भी प्रकार के वित्तीय जोखिम से बचने के निर्देश दिए। साथ ही पैक्स कंप्यूटरीकरण के पहले चरण को दिसंबर तक पूरा करने तथा लंबित ऑडिट कार्य को अक्टूबर तक निपटाने की हिदायत दी, ताकि व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में उन्होंने देशव्यापी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत गोदाम निर्माण में तेजी लाने तथा एमएसपी के अतिरिक्त किसानों के लिए टिकाऊ स्थानीय विपणन विकल्प तलाशने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गांवों में असंगठित दुग्ध संकलन केंद्रों को औपचारिक डेयरी सहकारी समितियों के रूप में परिवर्तित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
सम्मेलन के समापन पर सचिव डॉ. भूटानी ने उत्कृष्ट व्यवस्था और आतिथ्य के लिए छत्तीसगढ़ सरकार तथा बस्तर जिला प्रशासन का आभार जताया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सहकारिता क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा के लिए अगला राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी जनवरी माह में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सहकारिता तमिलनाडु पी. अमुधा, अतिरिक्त सचिव सहकारिता भारत सरकार पंकज बंसल, संयुक्त सचिव सहकारिता भारत सरकार सिदार्थ जैन, सचिव सहकारिता छत्तीसगढ़ शासन डॉ.सीआर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाए छत्तीसगढ़ रमेश कुमार शर्मा सहित विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।-