कल 11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि:जानिए मां दुर्गा को किस दिन क्या भोग लगाएं और नवरात्रि के दिनों में कौन-कौन से काम न करें
10 Oct 2026
कल रविवार, 11 अक्टूबर से आश्विन मास की यानी शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है। देवी दुर्गा की पूजा का यह उत्सव 19 अक्टूबर तक चलेगा। नौ दिनों के इस उत्सव में रोज देवी मां के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। इन दिनों में देवी मां अलग-अलग भोग लगाने की भी परंपरा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए नवरात्रि में देवी मां को किस दिन क्या भोग लगाना चाहिए और इन दिनों में कौन-कौन से काम नहीं करना चाहिए... देवी मां की ऐसे कर सकते हैं सरल पूजा रोज सुबह जल्दी उठें। स्नान के बाद मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं और नारियल-फूल अर्पित करें। धूप-दीप जलाएं। दुं दुर्गायै नम: मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। पूजा में देवी मां दिन के हिसाब से अलग-अलग भोग लगाएं। दुर्गा चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के बाद परिवार में और अन्य लोगों को प्रसाद बांटें। अब जानिए किस दिन क्या भोग लगाएं नवरात्रि के दिनों में क्या करें और क्या न करें नवरात्रि में देवी मां पूजा और दर्शन करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में झूठ बोलने, गुस्सा करने, घर में क्लेश करने से बचना चाहिए। महिलाओं का भूलकर भी अपमान न करें। सभी स्त्रियों का सम्मान करें। अपने गुरु का और गुरु के उपदेशों का निरादर करने से बचें। अपने साथियों से अच्छा व्यवहार रखे। देवी पूजा करने वाले भक्तों को इन दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन खासतौर पर करना चाहिए। माता-पिता की सेवा करें। देवी पूजा के साथ इन नौ दिनों में श्रीरामचरित मानस का पाठ भी करना चाहिए। देवी मां को चढ़ाएं ये चीजें नवरात्रि के दिनों में देवी मां के शक्तिपीठों और पौराणिक महत्व वाले अन्य मंदिरों में दर्शन करने की परंपरा है। मंदिर में दर्शन करने जाएं, तो देवी मां को नारियल, लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, लाल फूल, कुमकुम और अन्य सुहाग की चीजें मंत्र जप करते हुए चढ़ानी चाहिए। अगर यह चीजें न हों, तो देवी मां के मंत्रों का जप करते हुए देवी के दर्शन करना चाहिए। अगर मंत्र न मालूम हो, तो देवी मां के नामों का जप भी कर सकते हैं।