143 साल बाद नवरात्रि में मंगल-गुरु का योग:कर्क राशि में मंगल-गुरु और शुक्र तुला राशि में; जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय
13 Oct 2026
अभी शारदीय नवरात्रि चल रही है, देवी पूजा का यह उत्सव 19 अक्टूबर तक है, 20 तारीख को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि में बृहस्पति गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित है, साथ ही इसके साथ नीच का मंगल भी इसी राशि में स्थित है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, ऐसा संयोग 143 वर्षों के बाद बना है। इससे पूर्व इस संयोग में शारदीय नवरात्रि 2 अक्टूबर 1883 को शुरू हुई थी। पं. शर्मा कहते हैं कि गुरु और मंगल कर्क राशि में क्रमश: उच्च और नीच के रहते हैं। इस वर्ष इस संयोग के साथ ही शुक्र भी नवरात्रि में अपनी स्वयं की राशि तुला में रहेगा। जो सभी प्रकार से शुभ रहेगा। मंगल नीच राशि में है, लेकिन गुरु के साथ होने से उसका नीचभंग योग बन रहा है। जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय... मेष आपकी राशि के स्वामी मंगल चतुर्थ भाव में गुरु के साथ स्थित हैं, जिससे नीचभंग योग बन रहा है। तुला राशि में शुक्र का सप्तम भाव में होना व्यापारिक संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाएगा। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने का अच्छा मौका मिलेगा। संपत्ति या वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, लेकिन क्रोध से बचें। वृषभ आपकी राशि स्वामी शुक्र छठे भाव में अपनी ही राशि तुला में स्थित हैं, जबकि तृतीय भाव में गुरु और मंगल की युति बनी हुई है। शत्रु और विरोधी परास्त होंगे। कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा और उनके सहयोग से कोई बड़ा काम सिद्ध हो सकता है। आर्थिक दृष्टिकोण से समय मजबूत है, पुरानी देनदारियों से राहत मिलेगी। हालांकि, खान-पान पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। मिथुन द्वितीय भाव में उच्च के गुरु और मंगल का होना धन लाभ के मजबूत संकेत दे रहा है। तुला में शुक्र का पंचम भाव में स्थित होना शिक्षा, प्रेम संबंध और रचनात्मक कार्यों में सफलता प्रदान करेगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है और वाणी में प्रभाव बढ़ेगा। अटके हुए पैसे वापस मिलने की संभावना है। निवेश के दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए बेहद शुभ और फलदायी रहेगा। कर्क आपकी ही राशि में बृहस्पति उच्च के होकर स्थित हैं और मंगल के साथ नीचभंग योग बना रहे हैं। शुक्र चतुर्थ भाव में स्वराशि तुला में रहकर भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करेंगे। आत्मबल और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा और करियर में पदोन्नति या कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। सिंह बृहस्पति और मंगल आपकी राशि से द्वादश भाव में हैं, जबकि शुक्र तीसरे भाव में स्थित हैं। विदेश यात्रा या विदेशी संपर्कों से लाभ के योग बन रहे हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लें, क्योंकि अप्रत्याशित खर्च सामने आ सकते हैं। कला, मीडिया या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े जातकों को शुक्र का अच्छा समर्थन मिलेगा और उनके संपर्क क्षेत्र का विस्तार होगा। कन्या एकादश भाव में गुरु-मंगल की युति से आय के नए स्रोत बनेंगे और लंबे समय से सोचे हुए कार्य पूरे होंगे। दूसरे भाव में तुला का शुक्र आपकी वाणी को प्रभावशाली बनाएगा और आर्थिक स्थिति को बहुत मजबूत करेगा। व्यापार में बड़ा मुनाफा होने के संकेत हैं। मित्रों और बड़े भाइयों का भरपूर सहयोग मिलेगा। आपकी मेहनत का पूरा फल इस अवधि में आपको मिलने वाला है। तुला आपकी राशि में ही स्वामी शुक्र का होना शुभ है, आपके आकर्षण, व्यक्तित्व और सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। दशम भाव में उच्च के गुरु और मंगल की उपस्थिति करियर में बड़ी सफलता और प्रशासनिक लाभ दिलाएगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और नया उत्तरदायित्व मिल सकता है। नए व्यापारिक सौदे आपके लिए भविष्य में बेहद लाभदायक सिद्ध होंगे। वृश्चिक आपकी राशि के स्वामी मंगल नवम भाव में उच्च के गुरु के साथ विराजमान हैं, जो भाग्य में वृद्धि के संकेत दे रहे हैं। 12वें भाव में शुक्र का होना सुख-सुविधाओं पर खर्च कराएगा। उच्च शिक्षा या धार्मिक यात्राओं के योग बन रहे हैं। अटके हुए प्रशासनिक काम गुरु-मंगल के प्रभाव से पूरे होंगे। पिता और गुरुजनों का मार्गदर्शन आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगा। धनु राशि स्वामी बृहस्पति अष्टम भाव में मंगल के साथ स्थित हैं, जिससे शोध, गुप्त विद्याओं और पैतृक संपत्ति से लाभ के योग बनते हैं। ग्यारहवें भाव में तुला का शुक्र आपकी आय को अनवरत बनाए रखेगा। सेहत को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है, विशेषकर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। अचानक मिलने वाला धन लाभ आपकी आर्थिक चिंताओं को कम करेगा। धार्मिक अनुष्ठानों में मन लगेगा। मकर सप्तम भाव में उच्च के गुरु और मंगल की युति से दांपत्य जीवन में आ रही दूरियां खत्म होंगी और व्यापारिक साझेदारी में बड़ा लाभ होगा। दशम भाव में स्वराशि का शुक्र करियर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। पेशेवर जीवन में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यदि आप नए बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह संयोग आपको दीर्घकालिक सफलता प्रदान करने में सक्षम है। कुंभ छठे भाव में गुरु-मंगल की युति से गुप्त शत्रुओं का नाश होगा और प्रतियोगिताओं में सफलता मिलेगी। नवम भाव में तुला का शुक्र भाग्य का पूरा साथ दिलाएगा। यदि कोई पुरानी बीमारी चल रही है, तो उसमें राहत देखने को मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए सहकर्मियों का सहयोग लाभदायक रहेगा। लंबी दूरी की सुखद और लाभप्रद यात्राओं की संभावना बन रही है। मीन राशि स्वामी गुरु पंचम भाव में उच्च के होकर मंगल के साथ स्थित हैं, जो बौद्धिक क्षमताओं, शिक्षा और संतान पक्ष के लिए बेहद शुभ है। आठवें भाव में शुक्र का होना अचानक धन लाभ या गुप्त स्रोतों से फायदा करा सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्णिम रहेगा। शेयर बाजार या रणनीतिक निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और मन प्रसन्न रहेगा।