संस्कृति
नाम जप में नहीं लगता मन, भोजन में छिपा है इसका राज
यदि आप चाहते हैं कि आपका मन भगवान के नाम में लगे, आत्मा शुद्ध हो और नाम जप में सच्चा आनंद मिले, तो सबसे पहले अपने भोजन को दोषरहित बनाना होगा. धर्मशास्त्रों और संतों की वाणी बार-बार इस सत्य की पुष्टि करती है कि जैसा अन्न, वैसा मन.
Sawan 2025 : इस बार पड़ने वाले हैं कितने सोमवार और कब से शुरू हो रहा है सावन,
श्रावण का महीना शुरू होते ही भक्तों के मन में भोलेनाथ की भक्ति उमड़ने लगती है. हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन अपने साथ शिव कृपा की वर्षा लेकर आ रहा है. उत्तर भारत में इस बार सावन 11 जुलाई (शुक्रवार) से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 (शनिवार) तक रहेगा. यानी पूरे 30 दिनों तक शिव नाम की गूंज रहेगी. इस पवित्र माह में भगवान शिव को जल अर्पण करना, बेलपत्र चढ़ाना और सोमवार का व्रत रखना बेहद फलदायक माना जाता है. इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ने जा रहे हैं. जो कि भक्तों के लिए विशेष पुण्य फलदायक माने जाते हैं.
मंगलवार को हनुमानजी को अर्पित करें ये 5 चीजें, जीवन से दूर होंगे कष्ट, भय और बाधाएं
मंगलवार का दिन हनुमानजी की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन यदि कुछ विशेष वस्तुएं पूजा में शामिल की जाएं, तो जीवन के समस्त संकट, भय और अमंगल दूर होने लगते हैं. शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, ये पांच वस्तुएं हनुमानजी को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं.
मौन व्रत : क्या कभी सोचा है, पूजा करते समय की गई बातें आपकी भक्ति को कमजोर कर सकती हैं?
बहुत से लोग सुबह या संध्या को पूजा करते हैं, अगरबत्ती जलाई, घंटी बजाई, मंत्र बोले, लेकिन उसी समय फोन पर बात करते हैं, बच्चों को डांटते हैं या आसपास वालों से गप्पे भी मारते रहते हैं। यही छोटी-सी गलती आपके पूरे पूजा-पाठ का असर खत्म कर सकती है। पूजा के समय बोला गया हर अनावश्यक शब्द आपकी एकाग्रता तो तोड़ता ही है। साथ ही वो ऊर्जा भी बिखेर देता है जो मंत्रों और श्रद्धा से बनती है।
शास्त्रों में आईने को क्यों कहा गया है अग्नि तत्व? जानिए इससे जुड़ी गहरी चेतावनी
Vastu Tips for Mirror: घर की सजावट में शीशे का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में इसे अग्नि तत्व माना गया है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, आईना केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं बल्कि एक शक्तिशाली ऊर्जा उपकरण है जो सही दिशा में रखा जाए तो जीवन में तरक्की लाता है, और गलत दिशा में लगे तो पूरे परिवार का भाग्य उलट सकता है.
सावन में नहाने का ये आसान उपाय बदले भाग्य, जानें तुलसी स्नान का चमत्कारी प्रभाव
क्या आप जानते हैं कि सिर्फ नहाने के तरीके में थोड़ा-सा बदलाव करके आप अपने दिन को ऊर्जा, शांति और सकारात्मकता से भर सकते हैं? खासतौर पर सावन के पवित्र महीने में यह उपाय अत्यंत प्रभावकारी माना गया है.
Puri Jagannath Rath Yatra 2025 LIVE: रथ यात्रा आज से… बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथ तैयार… बारिश डाल सकती है खलल!
भुवनेश्वर. ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में बहुप्रतीक्षित रथ यात्रा या भगवान जगन्नाथ के रथ उत्सव के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा आज अपनी जन्मस्थली गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे. यह नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा आज से शुरू हो रही है, जिसका साक्षी बनने के लिए विश्वभर के श्रद्धालु उत्साहित हैं. (Puri Jagannath Rath Yatra 2025 LIVE)
Panchtatva Food Festival: किस समय कौन से भोजन को खाना चाहिए
भारतीय संस्कृति में भोजन को केवल शारीरिक ऊर्जा का साधन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम माना गया है. इसी दर्शन को साकार करता है पंचतत्व भोजन महोत्सव, जो हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपने आहार के माध्यम से पंचतत्वों – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को संतुलित करना चाहता है.
एक अमर राक्षस के हुए 2 टुकड़े… फिर बने राहु-केतु ग्रह, जानिए इनके असली नाम और रहस्यमयी कथा…
भारतीय ज्योतिष में नौ ग्रहों की मान्यता है, जिनमें से राहु और केतु को ‘छाया ग्रह’ कहा जाता है. ये कोई ठोस खगोलीय पिंड नहीं हैं, बल्कि ग्रहण बिंदु हैं. परंतु पुराणों में इनका वर्णन बहुत ही रोचक और रहस्यमयी कथा के रूप में मिलता है, जो समुद्र मंथन से जुड़ी है.
रुद्राक्ष धारण करना आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी है फायदेमंद
रुद्राक्ष को हम प्राचीन काल से एक पवित्र आध्यात्मिक वस्तु के रूप में जानते आए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ पूजा-पाठ या जप के लिए ही नहीं, बल्कि एक अद्भुत बायोमैग्नेटिक चमत्कार भी है?
क्यों कहा जाता है आंखों के बीच ध्यान केंद्रित करने को, जानें आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण
ध्यान करते समय अक्सर कहा जाता है कि आंखों के बीच स्थित आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित करें. यह स्थान माथे के मध्य में होता है और इसे तीसरी आंख का प्रतीक माना जाता है. यह केवल माथे का एक हिस्सा नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म चेतना केंद्र है, जिसे आज्ञा चक्र कहा जाता है. जब हम ध्यान करते समय आंखें बंद करके इस बिंदु पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो हमारी मानसिक ऊर्जा एकत्र होकर आंतरिक दृष्टि को जागृत करने लगती है.
भस्म लगाने से मिलता है धार्मिक और स्वास्थ्य लाभ, जानिए क्या है वो लाभ …
भस्म यानी पवित्र भस्म (राख) का प्रयोग सिर्फ पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक महत्व भी है. भारतीय सनातन परंपरा में इसे शरीर पर लगाने की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है, जो न केवल आध्यात्मिक बल देती है, बल्कि कई शारीरिक लाभ भी प्रदान करती है.
गुप्त नवरात्रि : इस तारीख से शुरू होगी नवरात्रि, साधकों के लिए महत्वपूर्ण है ये काल …
नवरात्रि का नाम सुनते ही श्रद्धा, शक्ति और मां दुर्गा की भक्ति का भाव जाग उठता है. वर्ष में दो बार सार्वजनिक रूप से मनाई जाने वाली चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा एक तीसरा रूप भी है गुप्त नवरात्रि, जो आम जनमानस में कम जाना-पहचाना लेकिन तंत्र साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है. गुप्त नवरात्रि साल में दो बार-आषाढ़ और माघ मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाती है.
पापों से मुक्ति के लिए सुख-समृद्धि का व्रत Yogini Ekadashi कल
रायपुर. भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह में योगिनी एकादशी मनाई जाती है. इस दिन श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ ही व्रत किया जाता है. इस साल योगिनी एकादशी 21 जून, शनिवार को है. पंचांग के आधार पर योगिनी एकादशी पर भद्रा का साया रहेगा. मान्यता है कि इस दिन जगत के पालन हार भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है. पं. जितेन्द्र शर्मा के अनुसार योगिनी एकादशी प्रीति योग में है, हिंदू पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी पर भद्रा 2.17 मिनट रात्रि से 1.12 मिनट तक रहेगी, पर व्रत में भद्रा का औचित्य नहीं होता.
सात चक्रों की साधना: शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति का द्वार…
Saat Chakra Sadhana: हमारे शरीर में सात प्रमुख ऊर्जा केंद्र होते हैं जिन्हें ‘चक्र’ कहा जाता है. इन चक्रों की साधना को ही चक्र साधना कहा जाता है. यह योग और ध्यान का एक गूढ़ और प्रभावशाली रूप है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खुलते हैं.
क्यों रुद्राक्ष और जापमाला में होते हैं 108 मनके? आखिर 108 का इतना महत्त्व क्यों है?
Significance of 108 in Hinduism: हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में 108 मात्र एक संख्या नहीं, बल्कि एक दिव्य विज्ञान और ब्रह्मांडीय रहस्य का प्रतीक है. रुद्राक्ष माला, जापमाला या फिर योगासन की गणना हर जगह यह संख्या किसी न किसी रूप में गूंजती है. लेकिन आखिर 108 का इतना महत्त्व क्यों है?
सोते वक्त सिर उत्तर की ओर क्यों नहीं रखना चाहिए? जानिए इसका धार्मिक और आयुर्वेदिक रहस्य
भारतीय संस्कृति में दिशा का विशेष महत्व है, विशेषकर सोते समय सिर की दिशा को लेकर कई मान्यताएं और वैज्ञानिक तर्क मौजूद हैं। खासकर यह माना जाता है कि सिर को उत्तर दिशा की ओर रखकर सोना अशुभ होता है, लेकिन इसके पीछे केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक और भू-चुंबकीय कारण भी छिपे हैं।