प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात भी होने की संभावना
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, ग्वालियर, सीधी, गया, बालूरघाट और उसके बाद उत्तर-पूर्व की ओर अरुणाचल प्रदेश तक स्थित है।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।
प्रदेश में कल दिनांक 13 जुलाई को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
प्रदेश में 16 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है।
वर्षा की गतिविधि बस्तर संभाग से प्रारंभ होते हुए प्रदेश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।