मुख्यमंत्री जी से मिले जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स, वाजिब मांगो को दोहराया
आज प्रदेश के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने अनुपूरक बजट आने से पहले मुख्यमंत्री जी भूपेश बघेल से मुलाकात की। प्रदेश के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बताया कि पिछले तीन साल से लगातार पत्राचार एवं मुलाकातों के बाद भी उनकी एक भी मांग को पूरा नही किया गया जबकि अलग अलग मंचों पर स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री T.S.Singhdeo एवम खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनबरी में हुई हड़ताल के समय जुडो से मिलकर पूरा करने का आश्वाशन दिया था पर एक भी मांग अब तक पूरी नही हुई है।
मांगे जो जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स कर रहे है
1. बांड
छत्तीशगढ़ एक मात्र राज्य है जहाँ 4 साल का बांड करवाया जाता है, यहां MBBS के बाद 2 साल एवम MD/MS के बाद 2 साल का बांड करवाया जाता है, जबकि पड़ोसी राज्यो की बात करे तो वहां सिर्फ 1- 1 साल का बांड करवाया जाता है। एक तो मेडिकल की इतनी लंबी पढ़ाई और ऊपर से 4 साल का बांड।आपको बताते चले कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज वालो से बांड नही करवाया जाता।
2.MD/MS का सैलरी,
पीजी (जिसका अभी MD/MS कम्पलीट नही हुआ है) से कम है। ये एक मात्र प्रदेश है जहां बोंडेड MD/MS विशेषज्ञ को का सैलरी सिर्फ 55 हजार है जो कि अपने जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स से भी कम। स्वतंत्र भारत का एक मात्र प्रदेश जहां इतना कम सैलरी दे रहा।
इंटर्न और पीजी रेजिडेंट का भी पिछले कई सालों से कोई वृद्धि नही हुई है
इंटर्न और पीजी रेसिडेंट डॉक्टर्स की स्टाइपेंड में स्वता वृद्धि का कोई प्रावधान नही है, पिछले 5 सालों में महंगाई इतनी बढ़ गयी है पर MBBS इंटर्न डॉक्टर्स को सिर्फ साढ़े बारह हजार (12500/-) रुपये मिलते है जो कि बाकी प्रदेशों से काफी कम है।
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने मुख्यमंत्री जो को उनके जनवरी में दिए गए आश्वाशन को याद दिलाया कि डॉक्टर्स को वाजिब मांगो पर उचित विचार कर उचित करवाई करें, जिससे रेजिडेंट डॉक्टर्स मरीजों के हिट में हमेशा तरह सेवाभाव में लगे रहे।
मुख्यमंत्री जी ने उचित करवाई का आश्वाशन दिया।
इस अवसर पर जुडो के पूर्व प्रेजिडेंट डॉ प्रेम चौधरी, डॉ गौरव परिहार, डॉ प्रीतम प्रजापति, इंटर्न रिप्रेजेन्टेटिव डॉ हिमांशु सिन्हा और MBBS (यूजी प्रेजिडेंट) डॉ गगन मोहन छाबड़ा उपस्थित थे।