"वायुमंडलीय घटना और भारी वर्षा के संभावनाएं: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के लिए चेतावनी"
एक चिन्हित कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश-दक्षिण तटीय उड़ीसा के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके और अधिक प्रबल होकर और अवदाब के रुप में अगले 24 घंटे में उसी क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी को पार करते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश-दक्षिण तटीय उड़ीसा के ऊपर पहुंचने की संभावना है।
मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, रायपुर ,भवानीपटना ,निम्न दाब के केंद्र से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
एक विंड शियर जोन 17 डिग्री उत्तर में 5.8 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
कल दिनांक 26 जुलाई को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा भी होने की संभावना है।
भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है।