छत्तीसगढ़ / रायपुर

पेंशनरों को महंगाई राहत देने के मामलें में मुख्यमन्त्री की चुप्पी से हैरानी


म प्र शासन के महंगाई राहत देने सहमति के मांग पत्र को छ ग शासन 6 माह से दबाये बैठी है

विधान सभा में कर्मचारी संवर्ग के लिए केन्द्र के बराबर डी ए और अन्य लोगो को भी आर्थिक लाभ की घोषणा के बाद छ ग कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल का विधान सभा परिसर में प्रत्यक्ष भेंट कर खूब स्वागत किया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा ने राज्य के पेंशनरों को भी 9% महंगाई राहत का मामला लम्बित रहने पर चर्चा करते हुए पेंशनरों के लिए भी आदेश जारी करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया परंतु मुख्यमन्त्री इस विषय पर चुप्पी साधे रहे। उनके द्वारा इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करने पर सब बहुत हैरान हुए। चूकिं वहाँ भेंट मुलाकात करने वालों बहुत अधिक भीड़ होने के कारण आगे और चर्चा सम्भव नहीं हो सकी। ऐसा वहाँ प्रतिनिधि मंडल में शामिल कर्मचारी नेताओं ने बताया।

उक्त जानकारी जारी विज्ञप्ति में देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने आगे बताया है कि म प्र शासन ने छ ग शासन को मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के बाध्यता का हवाला देते हुए 30 जनवरी 23 को पत्र भेज कर सहमति मांगी है, परंतु सरकार 6 माह से उक्त पत्र को दबाये बैठी है और सहमति देने में जानबूझकर कर विलम्ब कर रही है।मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 जून 23 को पुन: पत्र भेजकर सहमति चाहा है परंतु छ ग शासन अब तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। जिसके कारण मध्यप्रदेश के लगभग 5 लाख बुजुर्ग पेंशनर्स व 1 लाख परिवार पेंशनर और छत्तीसगढ़ के लगभग 1 लाख बुजुर्ग पेंशनर व 25 हजार परिवार पेंशनर केन्द्र के समान एरियर सहित महंगाई राहत से वंचित आर्थिक नुकसान उठाने मजबूर है।

छत्तीसगढ़ सरकार के रवैये दोनों राज्य के बुजुर्ग पेंशनरों बहुत अधिक रोष है और अब सब मिल बैठकर कुछ ऐसा निर्णय लेने वाले है जिसमें सरकार की आँख खुल जाय और शर्मसार होकर पेंशनरों को उनका लम्बित डी ए का आदेश जारी करने की मजबूरी बन जाए। इसके लिए हाल ही में विधानसभा में फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर किये गए प्रदर्शन का तरीका को भी अपनाया जा सकता हैं। इसी संदर्भ में पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश प्रमुख वीरेंद्र नामदेव ने ट्वीट कर कहा है कि मुख्यमन्त्री जी विधानसभा में कर्मचारी हितैषी घोषणाओं के लिए आभार. परंतु बुजुर्ग पेंशनरों का नाम लेने से क्यों परहेज है. हमें पता है जब से जैसे कर्मचारियों के देंगे वैसा ही आप पेंशनरों को भी देंगें. एरियर में डकैती क्यों. आपके निर्णय से म प्र पेंशनरों में गुस्सा है. उन्हे भी एरियर वंचित होना पड़ेगा.

जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, पेंशनर्स एसोशियेशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवंत देवान, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जे पी मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज के अध्यक्ष ओ पी भट्ट ने मुख्य सचिव व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर छत्तीसगढ़ राज्य में पेंशनरों के महंगाई राहत के मामलें में मुख्यमन्त्री को गुमराह करने, सच्चाई से अनभिज्ञ रख कर छत्तीसगढ़ को आर्थिक नुकसान पहुँचाने आरोप लगाया है और धारा 49 के नाम पर छत्तीसगढ़ के खजाने में 22 वर्षो से हो रहे अरबों की हानि को संज्ञान में लेकर इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए कर्मचरियों के साथ साथ पेंशनरों के लिए भी बकाया 9% प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश जारी करने की मांग की है।
 

 

 

 

 

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