छत्तीसगढ़
????श्री रामचन्द्र,राधाकृष्ण, जी का एकादशी श्रृंगार दर्शन,???? जैतु साव मठ पुरानी बस्ती रायपुर
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है।
इस महाविद्यालय को सत्र 2022-23 के लिए एम.बी.बी.एस. की 100 सीट की प्रथम मान्यता दिनांक 09 सितंबर 2022 को प्राप्त हुई। वर्तमान में इस महाविद्यालय में 121 छात्र-छात्राएं मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। चिकित्सा महाविद्यालय में 23 विभागों में लगभग 130 चिकित्सक कार्यरत है।
स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध इंदिरा गांधी चिकित्सालय कोरबा में 357 बिस्तर का चिकित्सालय संचालित है, जिसमें विभिन्न प्रकार के जटिल रोगों का ईलाज हो रहा है। पूर्व में बेहतर ईलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब जटिल से जटिल बीमारियों का उपचार मेडिकल कॉलेज कोरबा में हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा जिले को ई-पुस्तकालय की सौगात दी, युवाओं को प्रतियोगी माहौल में तैयारी के लिए सभी जरूरी संसाधनों की गई है व्यवस्था
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने एक दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान जिले को ई-लाइब्रेरी की सौगात दी है। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है।
ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है। यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष फोकस करते हुए जरूरी किताबें और मासिक मैगजीन, ई बुक, ई न्यूज पेपर, प्रतियोगी परीक्षा के लिए लेटेस्ट उपयोगी किताबें उपलब्ध होगी।
लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। यह छात्रों के लिए व्यक्तिगत स्टडी टेबल की तरह होगा। जिससे छात्र लाइब्रेरी में एकाग्रचित होकर पढ़ाई कर पाएंगे। तीन मंजिला इस लाइब्रेरी में फ्री वाईफाई की भी सुविधा दी गई है। जिससे शहर में बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एक अनुकूल जगह मिल पाएगी।
यहां प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे। यहां एक साथ करीब 100-150 बच्चों के एक साथ बैठने की सुविधा है। साथ ही यहां छात्रों के लिए एक कैंटीन की व्यवस्था भी है।
कैट के जरिए विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के महत्व को समझने और जोर देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है - अमर पारवानी
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के उपलक्ष में कैट ने ख्याति इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एरिया भनपुरी मे वृक्षारोपण किया
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि आज विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के उपलक्ष में कैट ने ख्याति इंडस्ट्रीज प्रा. लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एरिया भनपुरी मे वृक्षारोपण किया गया।
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने बताया कि प्रतिवर्ष, 28 जुलाई को विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिन, लोग प्राकृतिक संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाते हैं। हर दिन सभी लोगों के छोटे से योगदान से, हम धरती को बचा सकते हैं। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के महत्व को समझने और जोर देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। यह दिन हमें ग्रह पर हमारे कार्यों के प्रभाव पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है और हमें वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए एक स्थायी भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में उपाय करने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर का प्राथमिक उद्देश्य सतत् विकास की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना हमारी वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के तरीके खोजने पर जोर देता है। इसमें आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना शामिल है।
कैट के पर्यावरण संयोजक श्री मोहन वर्ल्यानी एवं सह- संयोजक श्री शंकर बजाज ने बताया की विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस उन महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करता है जो व्यक्ति संरक्षण प्रयासों में निभा सकते हैं। व्यक्तियों के पास अपने कार्यों के माध्यम से अंतर करने की शक्ति भी होती है। हाल के दिनों में जलवायु परिवर्तन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और लुप्तप्राय और विलुप्त होने वाली प्रजातियां प्रकृति में भारी असंतुलन पैदा कर रही हैं। प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करने के लिए कि पृथ्वी हमारी प्रथाओं से नकारात्मक रूप से प्रभावित न हो, हमें प्रकृति वार्तालाप शुरू करने की आवश्यकता है। समय के साथ, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं ने हमें पृथ्वी पर होने वाली कमी और प्रदूषण की मात्रा का पता लगाया है। अब समय आ गया है कि हम झुक जाएं और संसाधनों को बचाएं ताकि प्रकृति को हम पर अपना प्रकोप दिखाने से रोका जा सके।
विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस के अवसर पर श्रीमती दीपा सोनू कुकरेजा जी के द्वारा गुलमोहर ऑवला, करंज, जामुन, अमरूद आदि विभिन्न प्रजाति के पौधे प्रदान किये गये।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में कैट एवं युवा टीम के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे :- अमर पारवानी, जितेन्द्र दोशी, परमानन्द जैन, वासु माखीजा, सुरिन्द्रर सिंह, भरत जैन, राजेन्द्र जग्गी, अवनीत सिंह, विजय पटेल, निलेश मुदडा, जयराम कुकरेजा, महेन्द्र बागरोडिया, मोहन वर्ल्यानी, शंकर बजाज, वभैव बजाज, राजू कापसे, संजय चॉवला, मनोज तापरिया, अजय वंजारी, दिलीप पटेल, अमन कापसे, सिद्वार्थ चिलागिया, नवीन पटेल, ओम रामवानी, करण चॉवला चाविक्रम कुमार एवं अन्य व्यापारीगण आदि।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का हेलीपैड पर गर्मजोशी से हुआ आगमन: कोरबा में कई विकास कार्यों का सौगात दिया गया।
मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री टी एस सिंहदेव, सांसद श्री दीपक बैज साथ आए । मुड़ापार हेलीपैड पर विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल,सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, गौ सेवा आयोग के सदस्य श्री प्रशांत मिश्रा, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल कंवर, विधायक पाली तानाखार श्री मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा श्री पुरुषोत्तम कंवर, सभापति नगर निगम श्री श्याम सुंदर सोनी,श्री अंकित आनंद सचिव ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, श्री पी दयानंद सचिव चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन, संभागायुक्त श्री भीम सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा, एसपी श्री उदय किरण, सीईओ जिला पंचायत श्री विश्वदीप स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
श्री बघेल आज कोरबा के कलेक्ट्रेट कार्यालय में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण एवं डिंगापुर में निर्मित अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त ई- लाइब्रेरी का लोकार्पण करेंगे साथ ही घण्टाघर मैदान में आयोजित आम सभा में जिलेवासियों को सम्बोधित कर अनेक विकास कार्यो का सौगात देंगे
कंजक्टिवाइटिस के हजारों मामलों के साथ, छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद नहीं होगा: उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव
रायपुर: प्रदेश में कंजक्टिवाइटिस के हजारों मामले सामने आ चुके हैं. इस बीमारी के चपेट में बड़ी संख्या में बच्चे भी आ गए हैं. जिसको लेकर उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा, कंजक्टिवाइटिस के मद्देनज़र स्कूल बंद नहीं होगा. स्कूल बंद करने से पढ़ाई प्रभावित होगी. जो बच्चे इस बीमारी से ग्रसित हैं वो घर में रह कर पढ़ाई करेंगे. मुख्यमंत्री बघेल के द्वारा स्थिति आंकलन करने के बाद फ़ैसला लिया गया है.
आगे उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में 19873 लोग इससे ग्रसित मरीज़ हैं. दुर्ग, रायपुर में 3 हज़ार से ज़्यादा प्रभावित मरीज़ हैं. 4 लाख से ज़्यादा दवा उपलब्ध है. ये वायरस है खतरनाक नहीं है. दवा नहीं लेने से भी तीन से सात दिन में ठीक हो जाएंगे. दुष्प्रचार से बचना होगा.
आगे उन्होंने बताया, स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल शिक्षा और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को कंजक्टिवाइटिस की रोकथाम के लिए पत्र लिखकर बचाव के लिए निर्देशित करने कहा है. बच्चों को इस संक्रमण के लक्षणों, उपचार और बचाव की जानकारी देने भी कहा है. इस बीमारी में रोगी की आंख लाल हो जाती है. कीचड़ आता है, आंसू आते हैं, चुभन होती है. कभी-कभी सूजन भी आ जाती है. कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप जैसे जेंटामिसिन (Gentamicine), सिप्रोफ्लॉक्सिन (Ciprofloxacine) और मॉक्सीफ्लॉक्सिन (Moxifloxacin) आई ड्रॉप आंखों में छह बार एक-एक बूंद तीन दिनों के लिए मरीज को देना चाहिए.
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा, डॉ. रमन सिंह बने...
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जेपी नड्डा ने पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों को घोषणा की है. सूची में बतौर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ के तीन लोगों को स्थान दिया गया है. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा लता उसेंडी और सरोज पांडेय शामिल हैं. देखिए पूरी सूची…
भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की, सुरक्षा व्यवस्था पर जताई आपत्ति।
रायपुर: भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात कर कहा कि भया दोहन कर कांग्रेसी सरकार सत्ता हासिल करना चाहती है. आदिवासी क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायकों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ कर उसे प्रभावहीन करने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. इस संबंध में राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व विधायकों ने कहा कि एक ओर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भाजपा के नेताओं, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग हो रही है. वहीं प्रदेश सरकार उनकी सुरक्षा कम करने का षड्यंत्र रच रही है.
पूर्व भाजपा विधायकों के एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को राजधानी में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से भेंट कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के पूर्व विधायकों की सुरक्षा की व्यवस्था यथावत बहाल करने की मांग की है. शिष्टमंडल में डॉ. सुभाऊ कश्यप, भोजराज नाग, लच्छू कश्यप, बैदू कश्यप, पिंकी शिवराज शाह और श्रवण मरकाम शामिल थे. भाजपा के पूर्व विधायकों ने राज्यपाल हरिचंदन को इस आशय का एक ज्ञापन भी सौंपा.
भाजपा के पूर्व विधायकों के शिष्टमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कई जिले एवं विधानसभा क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं. प्रदेश का एक हिस्सा वामपंथ उग्रवाद से भी प्रभावित है. इसके अतिरिक्त प्रदेश में आगामी महीनों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे समय में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के उन पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कमी करने का निर्णय लिया है, जो संवेदनशील क्षेत्र में या तो निवास करते हैं या इन क्षेत्रों में इनका प्रवास होता है.
राज्यपाल हरिचंदन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने दिनांक 16 जून, 2023 को एक पत्र जारी करते हुए पूर्व विधायकों की सुरक्षा कम करने का निर्देश दिया है. सरकार ने इस निर्देश को लेकर 22 मई, 2023 को प्रोटेक्शन रिव्यू ग्रुप की बैठक के बाद की गई अनुशंसा को आधार बनाया है. पूर्व विधायकों ने यह आरोप लगाया है कि प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से प्रदेश की कांग्रेस सरकार खिलवाड़ कर रही है. पूर्व विधायकों का कहना है कि जिस प्रकार से संवेदनशील क्षेत्रों में राजनीतिक रूप से सक्रिय विपक्षी भाजपा नेताओं की सुरक्षा को कम किया गया है, वह भी किसी राजनीतिक कुनीति और षड्यंत्र की ओर संकेत देता है.
ज्ञापन में पूर्व जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों के पूर्व विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को कम करने के कारण अब उनके जान-माल की हानि का खतरा बढ़ चुका है. इस संबंध में आंकड़े पेश करते हुए पूर्व विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले 4 वर्षों में नक्सली माओवादी समूह द्वारा की गई जनप्रतिनिधियों की हत्याएं भी इसकी गवाही देती है. पूर्व विधायकों द्वारा रखे गए आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2023 तक छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में कुल 33 जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों की हत्या की गई है. पिछले 6 माह में ही भाजपा के चार कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग हुई है. ऐसे में पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कमी करना मानवीयता की दृष्टि से भी अनुचित है.
पूर्व विधायकों के शिष्टमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इस महत्वपूर्ण एवं जीवन-मृत्यु से जुड़े विषय को संज्ञान में लें एवं प्रदेश की सरकार को इस विषय से अवगत कराएं कि संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व विधायकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. जिनकी सुरक्षा कम की गई है उसे पूर्व की भांति बहाल किया जाए. पूर्व विधायकों ने कहा कि राज्यपाल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को यह भी संदेश दें कि पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं विधायकों का जीवन किसी भी तरह की राजनीति या चुनाव से अधिक मूल्यवान है.
उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने स्टेट नोडल एजेंसी के कार्यों की समीक्षा की, आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के भुगतान में तेजी के दिए निर्देश।
राज्य में अब तक 1.99 करोड़ लोगों के आयुष्मान कॉर्ड बनाए गए
रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राज्य नोडल एजेंसी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत अस्पतालों द्वारा किए गए इलाज के दावों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दावों के लंबित भुगतान के शीघ्र निराकरण के लिए एजेंसी में कार्यरत डॉटा एंट्री ऑपरेटर्स का समुचित प्रशिक्षण कराने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान और चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने दोनों योजनाओं के अंतर्गत भुगतान के थर्ड पार्टी ऑडिट की जानकारी ली। श्री सिंहदेव ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य नोडल एजेंसी के उप संचालक डॉ जी.जे. राव ने बताया कि राज्य की करीब 75 प्रतिशत आबादी का आयुष्मान कॉर्ड बनाया जा चुका है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 99 लाख लोगों से अधिक के कॉर्ड बनाए जा चुके हैं। डॉ. राव ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए 3572 मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। राज्य शासन द्वारा इन मरीजों के लिए कुल 113 करोड़ 43 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं।
न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी में आशा देवी रेखचंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नेत्र जांच शिविर
आशा देवी रेख चंद लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट रायपुर द्वारा आज ए एस जी नेत्र चिकित्सालय की टीम ने न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी के छात्र छात्राओं का निःशुल्क परिक्षण किया एवं परामर्श दिया गया एवं आंखों से बचाव का उपाय बताया
इस शिविर में प्रमुख रूप से पीयूष जैन श्रीमती सुनीता साहू संचालिका न्यू विजन पब्लिक स्कूल देवपुरी शाला की प्राचार्या श्रीमति एकता शुक्ला एवं विद्यालय की शिक्षिकाये ऐ एस जी नेत्र चिकित्सालय टीम से श्री शोभराम पटेल श्री सचिन साहू विनोद कुमार भूषण कुमार आदि विसेष रूप से उपस्थित थे
छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ स्टेट पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने हाल ही में अनुपूरक बजट के दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा शासकीय कर्मियों के हित में की गई घोषणाओं के लिए उनका आभार जताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय कर्मियों के लिए चार प्रतिशत डीए में वृद्धि के साथ ही सातवें वेतनमान के मुताबिक गृह भाड़ा भत्ता देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून तथा शंाति व्यवस्था बनाए रखने में हमेशा चौकन्ना रहकर तत्परतापूर्वक कार्य के लिए कहा। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री ओ.पी. शर्मा, उपाध्यक्ष श्री तारकेश्वर पटेल सहित सर्वश्री अभिषेक महेश्वरी, सुखनंदन राठौर, आकाश राव, पीताम्बर सिंह पटेल, धीरेन्द्र पटेल, सुशील नायक, मनोज ध्रुव, उदयन बेहार, जितेन्द्र चन्द्राकर, सुश्री कल्पना वर्मा, गुरू प्रधान, पंकज शुक्ला, सुश्री अमृता शोरी, सुमीत गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बुनकरों को हाथकरघा वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा: छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के साथ मुख्यमंत्री की सौजन्य मुलाकात
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ बुनकर शिल्पी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान संघ द्वारा राज्य के बुनकरों को हाथकरघा वस्त्र उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की पहल की सराहना की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बुनकरों को प्रोत्साहित करते हुए राज्य में हाथकरघा उद्योग न केवल हमारे नियमित रोजगार का साधन है, बल्कि ये हमारी धरोहर एवं संस्कृति भी है। यहां ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा उद्योग के माध्यम से रोजगार की असीम संभावना को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बुनकरों के हित में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बुनकरों को हाथकरघा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक तथा अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया, ताकि उन्हें अधिक से अधिक रोजगार और आय प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री विशाल राम देवांगन, शैलेश देवांगन, अवधराम देवांगन, लखनलाल, खोरबाहरा देवांगन, शंकरलाल डडसेना, कामता प्रसाद साहू तथा चेतनलाल देवांगन आदि उपस्थित थे।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों के परिवारों को हुई बचत 210.54 करोड़ रुपये
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल ‘‘क्वालिटी एजुकेशन एट जीरो कॉस्ट‘‘ का सफल मॉडल बन कर उभरा है। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है। शासन की शिक्षा के क्षेत्र में की गई इस नवाचारी पहल से जुड़कर प्रदेश के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 01 लाख 20 हजार 778 बच्चों के परिजनों द्वारा फीस के रूप में खर्च की जाने वाली लगभग 210 करोड़ 54 लाख रूपए राशि की बचत हुई है। परिजनों को निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस के कारण होने वाले आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिली है। ये सभी बच्चे गरीब व निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों से है, जिन्होंने आर्थिक कारणों से निजी स्कूलों को छोड़कर शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में दाखिला लिया है।
स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से भी बेहतर अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश स्तर पर योजना की सूक्ष्म समीक्षा कर इसके क्रियान्वयन का सतत आंकलन किया जा रहा है। आंकलन के दौरान पाया गया कि निजी स्कूलों के भारी भरकम फीस की वजह से गरीब, मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा पाना संभव नहीं था। यदि ये परिजन अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे होते तो उन्हें अपने बच्चों के लिए लगभग 210 करोड़ रूपए की फीस भरनी पड़ती। ऐसे में इन परिजनों के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल बड़ा सहारा बना और अब उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिल रही है।
गौरतलब है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 96 हजार 226 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 180 करोड़ 74 लाख रूपए की बचत तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से आए 24 हजार 552 विद्यार्थियों के परिजनों को लगभग 29 करोड़ 79 लाख रूपए की बचत हुई है। प्रदेश में 727 स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।
कृषि छात्रों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं: डॉ. चंदेल
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षां में कृषि क्षेत्र का व्यवसायीकरण होने के कारण अब कृषि छात्रों के लिए अच्छे कैरियर की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व तथा आजादी के बाद भी कई वर्षां तक कृषि की भूमिका देश की जनता को भोजन उपलब्ध कराने तक की सीमित थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षां में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपरान्त बाजार आधारित कृषि व्यवस्था का विकास होने लगा है, जिससे कृषि छात्रों के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों तथा निजी क्षेत्र में कैरियर विकास के अवसर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत से कृषि छात्र अपना स्टार्टअप प्रारंभ कर स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित हो रहे हैं। डॉ. चंदेल आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत कैरियर डेवलपमेन्ट सेन्टर द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘‘कृषि छात्रों के लिए कैरियर संभावनाएं’’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विस्तार शिक्षा संस्थान आणनंद गुजरात के डॉ. केयुर गरधरिया ने छात्रों को संवाद कौशल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर विकास में संवाद की अहम भूमिका होती है। आपके पास जितनी अच्छी संवाद क्षमता होगी जीवन के हर क्षेत्र में आप उतने ही अधिक सफल हो सकेंगे। कार्यशाला के दूसरे मुख्य वक्ता एजुकेशन एलायन्स एग्रीकल्चर भिलाई के संचालक अभिषेक सिंह राजपूत ने कृषि स्नातकों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाआें एवं कैरियर विकास के संबंध में जानकारी दी।
दोनो मुख्य वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सामाधान भी किया। कार्यशाला को कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने भी संबोधित किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेन्ट प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. अकरम खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभा बैनर्जी ने किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कृषि महाविद्यालय रायपुर के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध छात्र उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री द्वारा 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की शिलान्यास समारोह आज, छत्तीसगढ़ को दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी
रायपुर: छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने कल 29 जुलाई को कोरबा में 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकलव थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रखेंगे। यह छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के मामले में सर्वोच्च बनाए रखने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले भविष्य में अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो सकेगा।
कोरबा घंटाघर मैदान में कल 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, श्री दीपक बैज, विधायक श्री मोहित राम, श्री पुरूषोत्तम कंवर, श्री ननकीराम कंवर, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। समारोह में कोरबा के मेडिकल कालेज भी आधारशिला रखी जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2978.7 मेगावाट है। राज्य स्थापना के समय उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660 मेगावाट के दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर हम बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगे दूसरी ओर रोजगार के नए सृजित होंगे। हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में इसके लिए पर्याप्त भूमि है। यहां कन्वेयर बेल्ट से कोयले की सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
माननीय मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त 2022 को इस संयंत्र की स्थापना का निर्णय लिया था। जिस पर तेज गति से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी आवश्यक अनुमति एवं स्वीकृतियां प्राप्त की। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से टर्म ऑफ रिफसेन्स और कोयला मंत्रालय से कोल आबंटन प्रदान कर दिया गया है, जिसके बाद इसके लिये भूमिपूजन का कार्यक्रम तय किया गया है। इन दोनों संयंत्रों से 2029 और 2030 तक बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। समाचार क्रमांक- पीआरओ 2023/150
99 परीक्षार्थियों के चयन में दायित्व सरकार का या भ्रष्टाचार का खेल? - संजय श्रीवास्तव का आरोप
आखिर ये 99 परीक्षार्थी कौन है? क्या यह वही है सरकार के चहेते होने के कारण जिन का चयन किया जाना था? - संजय श्रीवास्तव
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता लेकर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के खजाने का जो पैसा बेरोजगार युवाओं के खाते में जाना था वह पूरा पैसा राजीव मितान क्लब के नाम पर सिर्फ कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं पर लुटाया जा रहा है। यह कांग्रेस का राजनीतिक षड्यंत्र है। शुक्रवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने शासनकाल में युवाओं के साथ बेरोजगारी भत्ता और रोजगार के नाम पर छलावा ही किया।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अब शिक्षक भर्ती में अनियमितता करके प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी युवाओं के साथ अन्याय किया है। पीएससी घोटाला,व्यापम, पुलिस भर्ती में अनियमितता जैसे विषयों का जिक्र करते हुए श्री श्रीवास्तव ने शिक्षक भर्ती अनियमितता के संबंध में बताया कि प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर व सरगुजा संभाग के युवाओं को भर्ती के नियमों की छूट का लाभ नहीं दिया गया आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए 12,489 शिक्षकों की भर्ती के लिए 4 मई 2023 को विज्ञापन निकाला गया। यह विज्ञापन बस्तर व सरगुजा के लिए निकला था और इन भर्ती परीक्षाओं के विषयों को समाप्त कर दिया गया। इस तरह विज्ञान विषय के लिए कला संकाय का अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकता था। श्री श्रीवास्तव ने शासन प्रशासन से जानना चाहा कि कला संकाय से स्नातक या स्नातकोत्तर अभ्यर्थी विज्ञान के विषय किस तरह पढ़ा पाएगा? आश्चर्य है कि जब विज्ञापन जारी हुआ तब इस तरह की कोई व्यवस्था या नियम नहीं था कि विषय की बाध्यता समाप्त कर दी जाए। सरकार इस तरह युवाओं के साथ खेल कर रही है। यह सीधे छत्तीसगढ़ के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने कहा कि 12,489 पदों के लिए परीक्षाएं 10 जून को हुई और 2 जुलाई को परीक्षा परिणाम घोषित हुए तब तक विषय वार व्यवस्था थी। लेकिन 6 जुलाई को मंत्रिपरिषद ने विषयवार व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया। ऐसा यह पहली बार हुआ यह निर्णय 11 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित हुआ। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई निर्णय पहले सबको विश्वास में लेकर करना था, हालांकि देशभर में ऐसी कोई मिसाल देखने को नहीं मिलती। इस तरह भर्ती कभी नहीं हुई। श्री श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को बेहोशी की हालत में काम करने वाली बताते हुए कहा कि जब यह परीक्षा तब उसमें 1,46,176 परीक्षार्थी उसमें सम्मिलित हुए थे और परिणाम जब घोषित हुए तो यह संख्या 1,46,275 हो गई । 99 अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित हुआ। आखिर ये 99 परीक्षार्थी कौन है? क्या यह वही है सरकार के चहेते होने के कारण जिन का चयन किया जाना था? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि यह पूरी तरह से भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा है।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्री श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि जब यह परीक्षा होगी तो उसमें जितने प्रश्न पूछे गए थे उसकी तो आंसर शीट घोषित हुई इसमें 15 से 20 प्रश्नों का उत्तर ही गलत पाया। इससे जिस परीक्षार्थी ने प्रश्न पत्र सही हल किया उसे इस आंसर शीट के आधार पर गलत बताकर मूल्यांकन किया गया और परिणाम प्रभावित हुआ। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जो सरकार युवाओं को अवसर नहीं दे पाई, युवाओं को रोजगार नहीं दे पाई, वह सरकार अब पात्र व योग्य अभ्यर्थियों के साथ मजाक कर रही है। शासन-प्रशासन इन गलतियों की सुनवाई तक नहीं कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस ने 2018 में जो षड्यंत्र सत्ता में आने के लिए रचा वह अभी तक जारी है।
प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल व अभ्यार्थी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस के शासनकाल में किसानों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण समय: कितने किसान और उनके परिवार जीत रहे हैं आत्महत्या की जंजीरों में?
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा है कि खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छुइहा के एक किसान कन्हैया सिन्हा द्वारा आत्महत्या करने के कारण एक बार फिर प्रदेश की कांग्रेस सरकार का घोर किसान विरोधी चरित्र बेनक़ाब हो गया है। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में अब तक 657 किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है, यानी प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में हर तीसरे दिन एक किसान ने आत्महत्या की है। दुर्भाग्यपूर्ण तो यह है कि कांग्रेस सरकार में आत्महत्या करने वाले किसानों को मानसिक रोगी तक बताया गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने शुक्रवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव में की गई घोषणाओं को पूरा नहीं करने के कारण प्रदेश के किसान हलाकान हो चले हैं और हताश होकर आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। छुइहा के किसान की आत्महत्या का मामला इसकी तस्दीक करता है। मृतक किसान की जेब से मिले सुसाइड नोट से किसानों की कर्जमाफी के सरकारी दावों की पोल खुल गई है। श्री गुप्ता ने मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। श्री गुप्ता ने कहा कि आत्महत्या से पूर्व मृत किसान ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने वादे के बावजूद उसका कर्ज माफ नहीं किया। मृतक किसान का ऐक्सिस बैंक में ऋण खाता है। कन्हैया सिन्हा एक तो कर्ज न चुका पाने के कारण परेशान था, वहीं लो-वोल्टेज के चलते उसकी चार एकड़ की रबी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। भाजपा बिजली आपूर्ति की समस्या पर सतत प्रदेश सरकार को आगाह करती रही है। पिछले तीन-चार सालों से फसल नहीं होने, कर्जमाफी नहीं होने और साथ ही फसल बीमा नहीं होने के कारण कन्हैया चहुँओर परेशानी से घिरा हुआ था। अपने सुसाइड नोट में मृतक किसान ने दाने-दाने के लिए मोहताज होने और पाई-पाई के लिए परेशान होने की बात भी कही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि कन्हैया का कोई और विकल्प नहीं होने की बात कहकर आत्महत्या करना प्रदेश के लिए एक कलंकपूर्ण व दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रदेश की भूपेश सरकार जिस तरह किसानों के नाम पर लगातार झूठ बोलती आ रही है, उसके मुँह पर कन्हैया की आत्महत्या एक करारा तमाचा है। ऐसी किसान विरोधी झूठी सरकार को एक क्षण भी सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक किसान के शोक-संतप्त परिवार को तत्काल 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करे। श्री गुप्ता ने कटाक्ष किया कि अपने ‘खानदानी राजनीतिक आकाओं’ की चाटुकारिता करने के लिए उत्तर प्रदेश में जाकर 50-50 लाख रुपए का मुआवजा बाँटने वाले मुख्यमंत्री बघेल को छत्तीसगढ़ के किसानों की जरा भी फिक्र नहीं है। जब भी छत्तीसगढ़ के किसानों को राहत राशि देने का मौका आता है, मुख्यमंत्री बघेल किसानों की जिंदगी की कीमत पाँच-दस हजार रुपए आँकते हैं। मुख्यमंत्री अब अपने इस ढोंग से बाज आएँ।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के करीब 21 लाख किसानों का केवाईसी अपडेट नहीं होने से प्रदेश के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हैं, जिसके लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा में स्वयं ही स्वीकारा है कि 2019 में 233, 2020 में 227, 2021 में 71, 2022 में 133 और 1 जनवरी 2023 से 20 जून तक 13 किसानों ने आत्महत्या की है। कुल मिलाकर, कांग्रेस शासनकाल में अब तक प्रदेश में 657 किसानों ने आत्महत्या की है। भाजपा की ओर से महासमुंद में हुई किसान आत्महत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए एक पाँच सदस्यीय दल बनाया गया जिसमें विधायक एवं पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर को संयोजक एवं सांसद महासमुंद चुन्नीलाल साहू, प्रवक्ता संदीप शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को सदस्य बनाया गया है।