छत्तीसगढ़
"कांकेर: स्कूल छात्र ने स्कूल यूनिफॉर्म की टाई से आत्महत्या कर ली, मामले की जांच में पुलिस जुटी"
कांकेर: जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है. प्री मैट्रिक बालक छात्रावास के एक छात्र ने स्कूल यूनिफॉर्म की टाई से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया है. घटना से हॉस्टल (छात्रावास) में हड़कंप मच गया. मामले की सूचना पर पहुंची कांकेर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है. घटनास्थल से पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है, पुलिस आत्महत्या के कारण का पता लगाने में जुटी हुई है.
जानकारी के अनुसार, प्री मैट्रिक विशिष्ट बालक छात्रावास, गोविंदपुर में छात्र ने टाई से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. छात्र 9वीं कक्षा की पढ़ाई करता था और आमाबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत हुर्रेपिंजोडी गांव का रहने वाला था. हॉस्टल अधीक्षक ने बताया कि मुझे चपरासी के माध्यम से जानकारी मिली की 9वीं का छात्र हॉस्टल के स्टडी रूम में चटाई में पड़ा हुआ है. मैंने एम्बुलेंस की सहायता से उसे अस्पताल पहुंचाया. हॉस्टल के अन्य छात्रों ने बताया कि छात्र खिड़की में टाई के माध्यम से लटक कर आत्महत्या कर लिया है.
कांकेर टीआई शरद दुबे ने बताया कि छात्र के टाई से लटक कर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. हॉस्टल में जाकर जांच किया गया है. आत्महत्या का कारण अज्ञात है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.
"छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए कांग्रेस गठित की 4 समितियाँ, कोर कमेटी के अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने ली जिम्मेदारी"
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए कोर कमेटी, चुनाव अभियान समिति, संचार समिति, स्वागत समिति गठित की गई है. कोर कमेटी का अध्यक्ष कुमारी सैलजा को बनाया गया है. इस कमेटी भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, दीपक बैज, डॉ. चरण दास महंत, ताम्रध्वज साहू और डॉ शिवकुमार डहरिया भी शामिल है. इसके अलावा कई और नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं चुनाव अभियान समिति में डॉ. चरण दास महंत को जिम्मेदारी दी गई है. समिति में सीएम भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और मंत्री, सांसद, विधायक सहित कुल 74 सदस्य शामिल किए गए हैं.
"मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज नवा रायपुर में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे"
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मंगलवार को दोपहर 2 बजे नवा रायपुर अटलनगर के सेक्टर-35 में आयोजित समारोह में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं ‘कमर्शियल हब’, एरोसिटी और ‘शहीद स्मारक’ एवं ‘अमर जवान ज्योति स्मारक’ का शिलान्यास करेंगे।
नवा रायपुर में निवेश, बसाहट और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्टर-23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ में ‘कमर्शियल हब’ विकसित किया जाएगा। इसी तरह नवा रायपुर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट ग्राम बरोदा एवं रमचण्डी के चिन्हांकित 216.63 एकड़ में ‘एरोसिटी’ विकसित की जाएगी। ‘शहीद स्मारक’ एवं ‘अमर जवान ज्योति स्मारक’ की स्थापना नवा रायपुर के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्हीआईपी बटालियन में 13 एकड़ में की जाएगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सांसद सुनील सोनी, संसदीय सचिव चन्द्रदेव प्रसाद राय और शिशुपाल सोरी और विधायक धनेन्द्र साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
कमर्शियल हब: प्रथम चरण में 1000 थोक व्यावसायिक दुकानों का होगा निर्माण
कमर्शियल हब के प्रथम चरण में 20 व्यवसायों के लगभग 1,000 थोक व्यावसायिक दुकानों के विकास हेतु भू-खण्डो का प्रावधान किया गया है जिसमें थोक किराना, अगरबत्ती, होलसेल बारदाना, दाल मिल, पेपर ट्रेड आदि हेतु पृथक-पृथक प्रावधान किया गया है। कमर्शियल हब के विकास हेतु राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ‘कमर्शियल हब’ के सिटी लेवल अधोसंरचना तथा प्रथम चरण के 125 एकड़ में अधोसंरचना का विकास 195.51 करोड़ रूपए की राशि से किया जाएगा।
इस परियोजना के लिये चिन्हांकित भूमि राष्ट्रीय राज मार्ग नं. 30 एवं भारत माला परियोजना के अलॉइमेंट के निकट स्थित है तथा उक्त भूमि को रेलवे कनेक्टिविटी भी प्राप्त है। चिन्हांकित भू-खण्ड स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लगभग 12 किमी. पर स्थित है। चिन्हांकित भूमि ग्राम निमोरा, उपरवारा, परसट्ठी, बेन्द्री, केन्द्री, झांकी एवं मुड़पार में स्थित है। उक्त भू-खण्ड का भू-उपयोग सार्वजनिक तथा अर्ध- सार्वजनिक से मिश्रित भू-उपयोग में किया गया है।
गौरतलब है कि लगभग 7743 विभिन्न थोक व्यावसायिक संघों से परामर्श तथा सर्वे करने के पश्चात् बाजार की मांग का आंकलन किया गया है, जिसके आधार पर मांग मूल्यांकन एवं product-mix निकाले गये चिन्हांकित भू-खण्ड में भूमि की उपलब्धता तथा व्यावसायिक गतिविधि की प्राथमिकता के आधार पर कुल 1,083 एकड़ पर व्यावसायिक क्लस्टर अनुसार जोनिंग प्लान तैयार किया गया है, जिसका विकास चरणबद्ध रूप से किया जाना प्रस्तावित है।
नवा रायपुर अटल नगर में निवेश, बसाहट तथा वाणिज्यिक गतिविधयों को बढ़ावा दिये जाने हेतु सेक्टर-23, 24, 34, 35 तथा 40 के 438.47 हेक्टेयर (1.083 एकड़) क्षेत्रफल पर थोक व्यवसायिक बाजार प्रस्तावित किया गया है। यह थोक व्यावसायिक बाजार न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आस-पास के अन्य राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी लाभदायक होगा। इस परियोजना में थोक व्यवसाय से जुड़ी सभी सुविधाएं एवं भौतिक अधोसंरचना उच्च मानकों के अनुसार प्रदान की जाएगी। इस परियोजना के क्रियांवयन से आस-पास के क्षेत्र में रोजगार के सृजन होने की संभावनाएं हैं।
एरोसिटी: वाणिज्यिक संस्थान, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, होटल का प्रावधान
नया रायपुर अटल नगर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट एरोसिटी विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2023 को एरोसिटी स्थापना की घोषणा की थी।
एरोसिटी के लिए नवा रायपुर के ग्राम बरोदा और रमचण्डी में लगभग 216.63 एकड़ भूमि चिन्हांकन की गई है। चिन्हांकित भू-खण्ड में निजी स्वामित्व की भूमि शामिल होने के कारण एरोसिटी परियोजना का विकास नगर विकास योजना की तर्ज पर किये जाने का निर्णय लिया गया है। बाजार मूल्यांकन एवं प्राधिकरण का वित्तीय हित देखते हुए प्रथम चरण में लगभग 24.85 एकड़, क्षेत्रफल की भूमि को विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया।
शासकीय स्वामित्व की 15.45 एकड भूमि पर तैयार किये गये अभिन्यास में 0.62 एकड़ से 3.01 एकड़ तक के 04 वाणिज्यिक भू-खण्ड, 0.82 एकड़ के 01 शॉपिंग कॉम्पलेक्स एवं 1.44 एकड़ भूमि 01 होटल हेतु प्रस्तावित है। एरोसिटी के विकास हेतु राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
शहीद स्मारक एवं छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति स्मारक
नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्ही.आई.पी. बटालियन के लिए 42.931 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। इसमें से 13 एकड़ में छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति स्मारक एवं शहीद स्मारक की स्थापना की जाएगी।
इस प्रस्तावित परियोजना में शहीद स्मारक लगभग 07 एकड़ भूमि पर 2700 शहीदों के नाम उत्कीर्ण किये जाने हेतु दीवारों का निर्माण, छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति स्मारक का निर्माण लगभग 6 एकड़ भूमि में, 1500 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मारक म्यूजियम, 21 प्लाटून हेतु परेड ग्राउंड, बगलर प्लेटफार्म, लगभग 400 दर्शकों हेतु दीर्घा, 40 वर्ग मीटर में विशिष्ट अतिथि दीर्घा, 1400 वर्ग मीटर में 60 जवानों के लिए बैरक तथा पार्किंग, फाउंटेन, सिचाई इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। राज्य शासन द्वारा इसके लिए 47.75 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
"छत्तीसगढ़ सरकार की मांग: केन्द्र सरकार से धान खरीदी में बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य न करने का अनुरोध"
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की विषम भौगोलिक स्थिति के चलते सुदूर एवं दुर्गम अंचलों के किसानों को बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने से धान बेचने में होने वाली परेशानी को देखते हुए केन्द्र सरकार से बायोमेट्रिक सिस्टम को इस वर्ष लागू न किए जाने का अनुरोध किया है। केन्द्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 से खाद्यान्न उपार्जन में बायोमेट्रिक सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। इस सिस्टम को छत्तीसगढ़ राज्य के वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित रूप से लागू करने में होने वाली दिक्कत के चलते किसानों को समर्थन मूल्य पर धान और मक्का बेचने में परेशानी होगी।
छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने भारत सरकार के खाद्य सचिव को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ प्रदेश में बायोमेट्रिक आधारित खरीफ प्रणाली को लागू करने के कारण किसानों को होने वाली कठिनाईयों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र के दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण इस इलाके के कई स्थानों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा की कमी के चलते बायोमेट्रिक आधारित खाद्यान्न उपार्जन प्रणाली को लागू करने में दिक्कत होगी।
खाद्य सचिव वर्मा ने अपने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी के पूर्व किसानों का पंजीयन किया जाता है। पंजीयन में किसान का आधार नंबर भी होता है। किसानों की भूमि के रकबे का सत्यापन भी ‘भुईयां’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाता है। धान खरीदी के एवज में राशि का ऑनलाईन भुगतान किसानों के बैंक खातों में होता है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी और देश में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने भारत सरकार को खाद्य सचिव से छत्तीसगढ़ राज्य की उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक खरीदी सिस्टम को अनिवार्य न करने का अनुरोध किया है।
खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा द्वारा 21 जुलाई 2023 को उक्त संबंध में भेजे गए पत्र के संबंध में केन्द्र सरकार से अब तक न तो सहमति मिली है न ही बायोमेट्रिक आधारित खरीदी सिस्टम में रियायत दिए जाने का भरोसा दिया गया है। धान खरीदी के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बायोमेट्रिक सिस्टम की अनिवार्यता का अन्य कोई विकल्प न होने के कारण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में इस प्रणाली को लागू किए जाने की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इस संबंध में सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
"महासमुंद में जल संवर्धन के महत्वपूर्ण कदम: नरवा विकास कार्य का अद्भुत प्रभाव"
महासमुंद : दुर्लभ वस्तु की सुलभ प्राप्ति और सुलभ वस्तु की दुर्लभ प्राप्ति ही वस्तु का मूल्य तय करती है। यह युक्ति पानी पर बिल्कुल सही बैठती है। आज हम इसे सुलभ समझकर जिस तरह इसका दुरूपयोग दोहन कर रहे है। जब जल हमें इतनी सुलभता से नहीं मिलेगा तब शायद इसकी अहमियत का पता चलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पानी के दुर्लभ प्राप्ति को समय रहते जान लिया। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी जैसी महत्वकांक्षी योजना लागू की। इससे ग्रामीण की आर्थिक-सामाजिक स्थिति में पहले से और अधिक सुधार हो रहा है।
महासमुन्द जिले में गिरते भू-जल स्तर के लिए जल संवर्धन का काम तेजी से हो रहा है। नरवा कार्यक्रम के तहत् पिछले पौने पाँच साल में नदी-नालों के पुनर्रोद्धार के काम किए गए है। जिले में गौठानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वहीं नालों के बधान का लक्ष्य भी दिया गया है। इस योजना के तहत मनरेगा से 2019-20 में 21 नरवा के उपचार से 1694 से अधिक हितग्राहियों को खरीफ फसल के साथ ही रबी फसलों के लिए पानी मिल रहा है। पहले बहुत मुश्किल सितम्बर माह तक बहने वाले नरवा के ड्रनेज ट्रीटमेंट और केंचमेंट एरिया ट्रीटमेंट के बाद अब माह नवम्बर तक बह रहा है। नरवा के पुनर्जीवन के लिए किए गए योजनाबद्ध कार्यों ने किसानों की खुशहाली और समृद्धि का रास्ता खोल दिया है। खेती-किसानी को मजबूती मिल रही है। महासमुंद के 40 नालों में संरचानाओं का निर्माण जारी है।
छत्तीसगढ़ शासन महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के तहत वन परिक्षेत्र बागबाहरा अंतर्गत मचका नाला में नरवा विकास कार्य कराया गया है, ’’मचका नाला’’ का उद्गम महासमुन्द जिला के बागबाहरा तहसील के अंतर्गत 3 किमी. की दूरी पर स्थित ग्राम आमगांव से हुआ है। जिसमें मचका नाला की जल प्रवाह की दिशा दक्षिण से पूर्व की ओर है, जो आमगांव से सिर्री, पठारीमुड़ा, लमकेनी, तिलाईदार, सरायपाली, मोंगरापाली आदि ग्रामों के वनक्षेत्र से होकर बहता है, एवं जोकं नदी में जाकर मिलती है। ’’मचका नाला’’ के किनारे बहुत सारे राजस्व ग्राम है, उक्त संबंधित वन क्षेत्रों में नरवा विकास योजना से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, भूमिगत जल के सवं र्धन व मृदा सरं क्षण से जल सरंक्षण के क्षेत्रों में नरवा विकास योजना कृषकों ग्रामीणों व वन में रहने वाले अन्य वन्यप्राणी, जीव जन्तु के लिए वरदान साबित हुआ है।
’’मचका नाला’’ के वनक्षेत्र में लूज बोल्डर चेक डेम 77 नग का निर्माण किया गया है, यह एक प्रकार का अस्थाई बांध होता है, जो जल प्रवाह वेग को कम करता है, एवं मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए जल निकासी बनाया जाता है, मुख्य रूप से इसका उपयोग पानी के वेग का नियंत्रित करना होता है। चेक डेम का उपयोग मृदा सरं क्षण एवं भूमि सुधार के लिए भी किया जाताहै।लूज बोल्डर चेकडेम उस नदी या नालों में बहने वाले पानी की गति को कम कर देता है, जिस पर वे बनाये जाते है। पानी की कम गति से पानी को जमीन में घुसने या तेजी से अंदर जाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है, जिससे उस क्षेत्र में जल स्तर बढ़ जाता है।
संरचनाओं के निर्माण से प्राकृतिक रूप से संधारित जल से विशेष लाभ लिया जा रहा है, फलस्वरूप पूर्व में जो कृषक अल्प वर्षा के कारण सिंचाई की असुविधा होने से हतोत्साहित होते थे एवं साल में केवल वर्षा ऋतु में भी फसल का उत्पादन करते थे, वे कृषक ’’मचका नाला’’ में नरवा विकास के कारण वर्तमान में साल में दोहरी फसल का उत्पादन करते है एवं सिंचाई की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध होने से फसल उत्पादन के रकबे में भी वृद्धि हुई है, जिससे कृषकों के आय में वृद्धि हुई है। मचका नाला में नरवा विकास योजना के कारण उक्त नाला से लगे आस पास के ग्रामीणों को रोजगार मिला है।
’’मचका नाला’’ में निर्मित संरचना पूर्णतः प्राकृतिक रूप से कार्य करती है, जिसके क्रियान्वयन हेतु किसी अन्य प्रकार के भौतिक साधन की आवश्यकता नही है, जो पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत हितैषी है। मचका नाला में नरवा विकास कार्य से केवल कृषि क्षेत्र में ही लाभ नही हुआ अपितु मचका नाला का अधिकम भाग जंगली क्षेत्र से होकर बहने के कारण जंगली जानवरों को उनके प्राकृति क्षेत्र में ही जल उपलब्ध कराता है, जो वन्यजीव हितैषी है। जिसे जल स्तर के गिरावट को रोकने में सहायता मिलती है। अतः ’’जल ही जीवन है’’ वाक्य को सार्थक करते हुए मचका नाला में हुए नरवा विकास कार्य में अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।
"रायपुर में सात दिवसीय 'रिमोट सेंसिंग एंड जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम' कार्यशाला का शुभारंभ"
शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय रायपुर के भूगोल विभाग में उच्च शिक्षा एवं छत्तीसगढ़ कॉउन्सिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल के मार्गदर्शन में सात दिवसीय 'रिमोट सेंसिंग एंड जियोग्राफ़िक इन्फॉर्मेशन सिस्टम' कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हेमचंद दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरुण पलटा ने कहा कार्यशाला का विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस तरह के वर्कशॉप की बहुत आवश्यकता है।
इस वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों को उनके विभिन्न समस्याओं का समाधान होगा।रिमोट सेंसिंग में पृथ्वी के संदर्भ में सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जाती है एवं GIS सिस्टम इस जानकारी को प्राप्त करने का टूल है। इसका उपयोग कृषि, नगरीय नियोजन आपदा प्रबंधन ,पृथ्वी के अध्ययन एवं सटीक परिणाम के लिए किया जाता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रिमोट सेंसिंग विषय महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल है। भूगोल एक ऐसा विषय है जो धरातल के मानचित्र को प्रदर्शित करता है। भूगोल के माध्यम से भूमि के विभिन्न परतों,प्राकृतिक विविधता को जाना जाता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में गुजरात विश्वविद्यालय से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीना कुमारी ने कहा हम रिमोट सेंसिंग का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं? रिमोट सेंसिंग का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं में करते हैं जिससे प्राकृतिक आपदाओं को निपटने में मदद मिलती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय भूगर्भ विज्ञान, रायपुर के प्राध्यापक,डॉ निनाद बोधनकर ने कहा रिमोट सेंसिंग हेतु महाविद्यालय में रिमोट सेंसिंग सेंटर खुलना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों कोविद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर की प्रायोगिक जानकारी प्राप्त हो सके , भारतीय सुदूर संवेदन तकनीक का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण है।
इसरो( बंगलुरू ) NRSC (हैदराबाद)) एवं IIRS(देहरादून) इस संबंध में शीर्ष संस्थान हैं। इसरो के प्रत्येक राज्य में स्पेस एप्लीकेशन सेंटर है जो राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों को प्राप्त कर राज्य के विकास में महती भूमिका अदा करते हैं ।कार्यशाला की संयोजक डॉ. प्रीति बाला जायसवाल एवं सह-संयोजक डॉ.कल्पना लांबे हैं। कार्यशाला की रूपरेखा का परिचय कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रीति बाला जायसवाल ने दिया।कार्यक्रम का संचालन आई क्यू ए सी प्रभारी डॉ. उषाकिरण अग्रवाल व आभार भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. शीला श्रीधर ने किया। उक्त कार्यक्रम में डॉ. कल्याण रवि एवं महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक,सहायक प्राध्यापक व विभिन्न महाविद्यालय से आये प्रतिभागी उपस्थित रहे।
"बॉलीवुड फिल्म में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौन्दर्य को प्रकट करने के लिए उपयोग किए गए नजारे"
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक और बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई है। रायपुर, नवा रायपुर और राजिम में पिछले 19 दिनों से इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। 'शादी में ज़रूर आना' फेम रत्ना सिन्हा ट्राइजेंट मीडियावर्क्स एलएलपी
(Trizent Mediaworks LLP) के बैनर तले इस हिन्दी फिल्म को प्रोड्यूस कर रही हैं। अकुल त्रिपाठी इसे निर्देशित कर रहे हैं।
फिल्म के कलाकार आदिल खान और अशनूर कौर तथा निदेशक अकुल त्रिपाठी आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के सलाहकार श्री गौरव द्विवेदी के साथ मीडिया से रू-ब-रू हुए। श्री द्विवेदी ने प्रेस-वार्ता में बताया कि इस फिल्म में रायपुर के महादेव घाट, तेलीबांधा तालाब, वीआईपी रोड, राजिम और नवा रायपुर के लोकेशन्स को दिखाया गया है। यहां फिल्माए गए दृश्य हमारे राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की फिल्म पॉलिसी से आकर्षित होकर बड़े निर्माता-निर्देशक बॉलीवुड से फिल्मों की शूटिंग के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।
अभिनेता आदिल खान ने मीडिया के साथ इस फिल्म में काम करने का सुखद अनुभव साझा किया। वे निर्देशक अकुल त्रिपाठी और प्रोड्यूसर रत्ना सिन्हा के साथ काम कर बेहद उत्साहित हैं। अभिनेत्री अशनूर कौर ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौन्दर्य की तारीफ करते हुए कहा कि वे यहां दोबारा जरुर आना चाहेंगी। फिल्म के निर्देशक अकुल त्रिपाठी ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के लोगों के सरल स्वभाव से बहुत प्रभावित हुए हैं। यहां शूटिंग के दौरान उन्हें शासन -प्रशासन से हर तरह का सहयोग मिला।
"जमाअत ए इस्लामी हिंद के सम्मान समारोह में शिक्षकों का सम्मान"
जमाअत ए इस्लामी हिंद, रायपुर द्वारा बैरन बाजार स्थित अलफलाह टावर दिनांक 10 सितंबर को शिक्षक सम्मान समारोह का कार्यक्रम रखा गया जिसमें रायपुर शहर के 120 टीचर्स का सम्मान किया गया इस सम्मान समारोह के चीफ गेस्ट ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन (AIITA) के साबिक जनरल सेक्रेटरी अहमद सिद्दीक साहब , विशेष अतिथि के रूप में आईटा के सेंट्रल सेक्रेटरी असलम फिरोज साहब रहे, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाअत ए इस्लामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष जनाब शफीक अहमद साहब ने की कार्यक्रम में शहर के प्रमुख प्रोफेसर एवं टीचर मौजूद रहे जिन्हें सम्मान किया गया |
जिसमें पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री प्रोफेसर शम्स परवेज़ साहब, राष्ट्रपति अवार्डेड रहे रिटायर्ड प्रिंसिपल गवर्नमेंट स्कूल जनाब ज़फर अमजद साहब, जनाब हसन साहब, नूरानी स्कूल के प्रिंसिपल रह चुकी ताहिरा बाजी, अंजुमन स्कूल के प्रिंसिपल शहनाज बाजी, डॉक्टर सितारा खान साहिबा अंजुम साहिबा इन सभी के अलावा शहर के बहुत से प्रोफेसर एवं टीचर्स ने उपस्थिति दर्ज कराई जिन्हें जमाअत ए इस्लामी हिंद रायपुर द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जुनैद सिद्दीकी साहब ने किया, कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य शोएब अख्तर, मोहम्मद असलम, सरदार अहमद, हैदर, सोहेल अख्तर, इबाद, फहीम उल्ला खान, जुबैद खान, यार खान, जु़वेरिया साहिब, आलिया, मुजाहिद नाहिद, उज़मा साहिब ने अहम भूमिका निभाई इस कार्यक्रम के ऑर्गेनाइजर तुफैल कुरैशी साहब रहे।
"कांग्रेस के 8 सवालों का समय समाप्त, भाजपा ने उठाए 16 सवाल"
रायपुर: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने कहा कि परिवर्तन यात्रा शुरू होने के पहले ही कांग्रेस के हाथ पैर फूल गए हैं। कांग्रेस की सांसें उखड़ गई हैं। जिस कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की जनता को अपने 5 साल का हिसाब किताब देना चाहिए। जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, वह परिवर्तन यात्रा के अवसर पर भाजपा से कुतर्क पूर्ण सवाल पूछ रही है। कांग्रेस को सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कांग्रेस के आठ सवालों के जवाब में 16 सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस सबसे पहले तो इस बात का जवाब दे कि झीरम के हत्यारे नक्सलियों को राहुल गांधी ने क्लीन चिट क्यों दी थी? क्या कोई गुप्त समझौता है?दूसरा सवाल यह है कि भूपेश बघेल झीरम का सबूत जेब में क्यों रखे हैं, क्या राहुल के आदेश पर वह सबूत जब में ही हैं या नक्सलियों से सौदा है? तीसरा सवाल यह है कि सबूत छुपाने का अपराध क्यों किया गया और सबूत छुपाने के अपराधी को क्या दंड मिलना चाहिए? चौथा सवाल यह है कि 5 साल तक छत्तीसगढ़ और 50 साल तक देश की सत्ता में रहने के बावजूद बस्तर को दुनिया का सबसे बीमारू इलाका बनाने के लिए कांग्रेस माफी क्यों नहीं मांगती? पांचवा सवाल यह है कि इलाज के अभाव में छत्तीसगढ़ के 39000 बच्चों की मौत हुई' जिनमें अधिकांश बच्चे बस्तर सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्र के हैं! भूपेश बघेल और कांग्रेस इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रही? छठवां सवाल यह है कि कांग्रेस का हाथ तेंदूपत्ता दलालों के साथ क्यों है? आदिवासियों को तेंदूपत्ता बोनस क्यों नहीं दिया गया? सातवां सवाल यह कि भाजपा के कार्यकर्ताओं की टारगेट किलिंग का मकसद क्या है? टारगेट किलिंग करने वालों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता? आठवां सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ में एक लाख से अधिक महिलाएं गायब हो गई हैं।
कांग्रेस ने चुप्पी क्यों साथ रखी है? नवा सवाल यह कि आदिवासी बच्चियों के दैहिक शोषण की घटनाएं हो रही हैं। इनमें कांग्रेस के लोग संलिप्त पाए जाते हैं लेकिन इन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? दसवां सवाल यह है कि अटल जी ने आदिवासी उत्थान के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, कांग्रेस के लोग छत्तीसगढ़ निर्माण का विरोध क्यों कर रहे थे? ग्यारहवां सवाल यह कि आदिवासी शोषण की जिम्मेदार कांग्रेस आदिवासियों से माफी क्यों नहीं मांगती? बारहवां सवाल बस्तर महाराज प्रवीरचंद्र भंजदेव को गोलियों से भूनने वाली कांग्रेस ने माफी क्यों नहीं मांगी? तेरहवाँ सवाल यह है कि आदिवासी आरक्षण को निरस्त कराने वालों को कांग्रेस ने पुरस्कृत क्यों किया है? 14 वां सवाल यह कि बस्तर में जिला केडर की भर्तियां बंद कर आदिवासियों को रोजगार से वंचित क्यों किया गया? 15 वां सवाल यह है कि कांग्रेस नक्सलियों की प्रवक्ता बनकर सामने क्यों आती है?16 वां सवाल यह कि पिछले विधानसभा चुनाव में मिले आदिवासियों के समर्थन के बावजूद बस्तर से लेकर सरगुजा तक आदिवासियों की जमीन, आदिवासियों की अस्मिता पर आघात क्यों पहुंचाया जा रहा है, सुनियोजित धर्मांतरण के पीछे कांग्रेस की मंशा क्या है?
"माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद से भाजपा की परिवर्तन यात्रा शुरू, कमल खिलायेगी बस्तर से सरगुजा तक"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन ने कहा है कि माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद से दंतेवाड़ा से भाजपा की पहली परिवर्तन यात्रा की शुरुआत हो रही है। यह परिवर्तन की आवाज रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ तक जाएगी। श्री नबीन ने कहा कि जिस प्रकार भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ में वादाखिलाफी की है, जिस प्रकार से प्रदेश में अराजकता की स्थिति बनी हुई है, भ्रष्टाचार चरम पर है उससे पूरी तरह से सरकार के खिलाफ आक्रोश जनता में है।
भाजपा प्रदेश सह प्रभारी श्री नबीन ने कहा कि परिवर्तन यात्रा का शंखनाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह माँ दंतेश्वरी की पवित्र भूमि से करेंगे। हमारा मानना है कि माता दंतेश्वरी का हमें आशीर्वाद मिलेगा, निश्चित ही बस्तर से लेकर कर सरगुजा तक परिवर्तन की यह आवाज बुलंद होगी और परिवर्तन के रूप में 2023 में फिर से भारतीय जनता पार्टी का कमल छत्तीसगढ़ में खिलेगा। श्री नबीन ने कहा कि 2018 में जो परिस्थितियाँ थी, वह 2023 में पूरी तरह से बदल चुकी है। कांग्रेस ने झूठे वादे किए, वादाखिलाफी की, बड़े-बड़े ऐसे वादे किए जिनको जमीन पर कहीं पर स्थान नहीं मिल पाया और 36 के 36 वादे पूरे नहीं किए।
यह छत्तीसगढ़ को छलने का काम प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किया है, उससे आज पूरी तरह से जनता का विश्वास बीजेपी की ओर बढ़ा है। 15 वर्षों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार रही, तब भाजपा ने विकास भी किया, जनता को सुरक्षा भी दी और एक अच्छा शासन भी दिया। इस दौरान प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन के साथ सांसद एवं बस्तर संभाग प्रभारी संतोष पांडेय, प्रथम यात्रा के संयोजक एवं विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी, जिलाध्यक्ष चौतराम अटामी, नंदलाल मुरामी, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
"परिवर्तन यात्रा: दंतेवाड़ा की ओर रवाना हुआ भाजपा का रथ"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा का रथ विजय संकल्प के साथ सोमवार को दंतेवाड़ा के लिए रवाना हुआ। सोमवार सुबह कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय से प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित वरिष्ठ जनों की मौजूदगी में परिवर्तन यात्रा रथ व अन्य प्रचार रथ को पूजा-अर्चना कर दंतेवाड़ा के लिए रवाना किया।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने इस मौके पर कहा कि भाजपा पिछले सालभर से प्रदेश के सभी 90 विधानसभा सीटों को टारगेट करके कार्य कर रही है। 12 सितंबर और 15 सितंबर से दो परिवर्तन यात्राएँ प्रदेश में निकाली जा रही हैं। 12 सितंबर को दंतेवाड़ा से और 15 सितंबर से जशपुर से हमारी यह यात्रा जन जागरण के साथ-ही-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुँचाने के लिए, योजनाओं के लाभ लेने वाले लाभार्थियों के साथ सम्मेलन करने के लिए, प्रदेश की कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए यह विजय संकल्प की यात्रा है। निश्चित रूप से यह परिवर्तन यात्रा छत्तीसगढ़ में इतिहास रचने जा रही है।
भाजपा की यह पहली परिवर्तन यात्रा दंतेवाड़ा से 12 सितंबर को प्रारंभ होगी। दंतेवाड़ा से प्रारंभ होने वाली इस पहली यात्रा को मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना के साथ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरी झण्डी दिखाएंगे। इस यात्रा का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव करेंगे। माँ दंतेश्वरी, माँ बम्लेश्वरी व माँ महामाया देवी के आशीर्वाद से यात्रा दंतेवाड़ा से बिलासपुर तक 16 दिन में 1,728 किमी का सफर तय करेगी और तीन संभागों के 21 जिलों तक पहुँचेगी। यात्रा के दौरान 45 आमसभाएँ, 32 स्वागत सभाएँ और 5 रोड शो होंगे। इस पहली यात्रा के संयोजक विधायक शिवरतन शर्मा व पूर्व मंत्री महेश गागड़ा होंगे। उनके साथ सहयोगी के रूप में निरंजन सिन्हा व सचिन बघेल रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि परिवर्तन यात्रा के रथ आकर्षण का केंद्र होंगे। दोनों यात्राओं के रथ आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं। रथ की छत पर मंच की व्यवस्था की गई है। इस मंच पर पहुँचने के लिए स्वचालित सीढ़ी की व्यवस्था की गई है। ऱथ के दंतेवाड़ा प्रस्थान के अवसर पर काँकेर प्रभारी यशवंत जैन, प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता व प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।
"छत्तीसगढ़ राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के साथ, संत विनोबा भावे की 129वीं जयंती पर भूमि अधिकार और भूदान के महत्व पर हुई परिचर्चा"
रायपुर: विनोबा सेवा संस्थान के सहयोग से संत विनोबा भावे की 129वीं जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित भूमि अधिकार एवं भूदान पर परिचर्चा का आयोजन आज जयदेव भवन, भुवनेश्वर में किया गया ।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आचार्य विनोबा भावे अद्वितीय क्रांतिकारी एवं भूदान आंदोलन के महानायक थे। उनकी देशभक्ति, दृढ़ संकल्प, स्वतंत्र सोच असाधारण और अद्वितीय थी। उन्होंने सदैव वंचितों, बेघरों के लिए क्रांति की। देश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए गांधीजी से प्रेरित होकर राष्ट्रसेवा में लग गये। आचार्य भावे जी ने वंचितों के लिए बहुत बड़ा काम किया है। राज्यपाल ने कहा कि वे गांधीजी के विचारों को फैलाने के लिए सेवा में लगे रहे और गांधीजी के आदर्शों का अक्षरशः पालन किया।
आचार्य विनोबा के रूप में उन्होंने भूदान आंदोलन के माध्यम से देश के हजारों भूमिहीन लोगों को भूमि और भोजन उपलब्ध कराया। पूरे देश में पैदल यात्रा करते हुए, उन्होंने बेघरों को दान में मिली लाखों एकड़ सिंचित भूमि प्रदान करके देश से गरीबी उन्मूलन में मदद की। उनके इस कार्यों के लिए देशवासियों द्वारा उन्हें एक महान क्रांतिकारी के रूप में पूजा जाता है। राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि क्रांति का अर्थ है जन जागरण। विनोबा की तरह गरीबों, पीड़ितों के अधिकारों के लिए, अपनी माटी के लिए, युवाओं और हर नागरिक को जागरूक होना होगा। समाज में जागरूकता की क्रांति पैदा होगी तो विनोबा का सपना साकार होगा और युवा उनके आदर्शों से प्रेरित होंगे. राज्यपाल श्री हरिचंदन ने इस मौके पर कहा कि अगर विनोबा जैसे स्वतंत्र विचार वाले व्यक्ति नहीं होते तो ऐसा कृत्य नहीं हो पाता।
उक्त सम्मेलन में ओडिशा के पूर्व मंत्री व विधायक प्रफुल्ल सामल, विधायक मोहम्मद मोकिम, पूर्व केंद्रीय मंत्री ब्रजकिशोर त्रिपाठी सहित अन्य ने भाग लिया।
"भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा द्वारा अच्छे सशक्त नेतृत्व के साथ परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।"
रायपुर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आज परिवर्तन यात्रा को लेकर रायपुर मुख्यालय से वीडियो संदेश जारी किया है. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव 2023 के अचार सहिंता लागू होने के पूर्व प्रदेश स्तर पर 2 परिवर्तन यात्रा करने जा रही है.
जारी संदेश वीडियो में परिवर्तन को लेकर अरुण साव ने कहा की राज्य में कांग्रेस सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिये भारतीय जनता पार्टी परिवर्तन यात्रा निकाल रही है. उन्होंने बताया कि पहली परिवर्तन यात्रा दंतेवाड़ा से निकलेगी. देश के गृहमंत्री अमित शाह पूजा अर्चना कर यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे. दूसरी यात्रा को जशपुर से रवाना किया जाएगा.
अरुण साव ने आह्वान करते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिये और छत्तीसगढ़ में सुशासन लाने के लिए,प्रदेशवासियों के भविष्य को संवारने के लिए इस अत्याचारी, अन्यायी भ्रष्टाचारी भूपेश सरकार को उखाड़ फेंके.
"प्रदेश कांग्रेस के नेता जगदलपुर के दौरे पर, भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा बस्तर की यात्रा को 'ढोंग' और 'छल' का नाम दिया गया"
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, मंत्री कवासी लखमा, मंत्री मोहन मरकाम, प्रभारी सचिव सप्तगिरि शंकर उल्का और पीसीसी प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू जगदलपुर के लिए रवाना हो गए हैं. सभी नेताओं ने रायपुर पुलिस लाइन हेलीपेड से जगदलपुर के लिए उड़ान भरी है. वे जगदलपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. रवानगी से पहले पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत दोनों मंत्रियों ने भाजपा पर निशाना साधा. इसके साथ ही दीपक बैज ने बीजेपी की परिवर्तन यात्रा को लेकर कहा, भाजपा अगर बस्तर से परिवर्तन यात्रा निकाल रही तोसबसे पहले उन्हें झीरम घाटी जाना चाहिए. वहां की भूमि को नमन कर बीजेपी परिवर्तन यात्रा निकाले.
झीरम की भूमि को नमन कर बीजेपी निकाले परिवर्तन यात्रा – दीपक बैज
पीसीसी चीफ दीपक बैज नक्सलवाद के मुद्दे पर ने कहा कि नक्सल बाद के मुद्दे पर भाजपा कन्फ्यूज्ड हैं. भाजपा के बड़े नेता अलग-अलग बयान देते हैं.
बस्तर को लेकर बैज ने कहा कि 15 साल में भाजपा की सरकार ने आदिवासियों को अजायबघर की तरह इस्तेमाल किया. चना नमक और चावल पर सीमित रखा. हमारी सरकार ने उन्हें जल जंगल जमीन का अधिकार दिया. हम गृहमंत्री से पूछेंगे, छत्तीसगढ़ में 15 साल की नाकामी और केंद्र ने जनता को क्या दिया.
छत्तीसगढ़ियावाद और छत्तीसगढ़ महतारी को लेकर जारी सियासत पर दीपक बैज ने भाजपा की परिवर्तन यात्रा निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अगर बस्तर से परिवर्तन यात्रा निकाल रही तो सबसे पहले उन्हें झीरम घाटी जाना चाहिए. वहां की भूमि को नमन कर बीजेपी परिवर्तन यात्रा निकाले. 15 साल में उन्हें छत्तीसगढ़ महतारी की याद नहीं आई. भाजपा के नेता आज छत्तीसगढ़ महतारी को याद कर रहे हैं. पीएम मोदी से भी छत्तीसगढ़ी में बुलवा रहे हैं. इसी बहाने कम से कम उन्हें छत्तीसगढ़ की याद तो आई.
केंद्र सरकार बस्तर के लोगों के साथ कर रही छलावा – मंत्री मरकाम
मंत्री मोहन मरकाम ने दौरे को लेकर कहा कि कल अमित शाह दंतेवाड़ा से परिवर्तन यात्रा की हरी झंडी दिखाएंगे. हम अमित शाह से कई सवाल पूछना चाहते हैं. नगरनार स्टील प्लांट को क्यों बेचा जा रहा है ? केंद्र ने बस्तर को क्या दिया ये पूछेंगे. नगरनार स्टील प्लांट एनएमडीसी सरकारी उपक्रम का है इसलिए जमीन दी गई थी. बस्तर के सपनों को ध्वस्त करने का काम कर रहे हैं. केंद्र की मोदी सरकार बस्तर के लोगों के साथ छलावा कर रही है.
बीजेपी की परिवर्तन यात्रा ढोंग – मंत्री लखमा
मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि बीजेपी ने 15 सालों तक बस्तर के लोगों को छला. बीजेपी की परिवर्तन यात्रा ढोंग है. यात्रा से बीजेपी को कुछ हासिल नहीं वाला, 15 साल में इन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो नहीं लगाई. अब छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो लगा रहे हैं.
"भाजपा की परिवर्तन यात्रा: दंतेवाड़ा और जशपुर से रवाना हो गई रथ, अमित शाह और जेपी नड्डा करेंगे शुभारंभ"
रायपुर: भाजपा की प्रदेश व्यापी परिवर्तन यात्रा के रथ अपने अपने तय स्थान के लिए बीजेपी प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर से रवाना हो गई है. प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, संगठन महामंत्री पवन साय सहित वरिष्ठ जनों की मौजूदगी में रथ का विधिवत पूजन कर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है.
बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के लिए तैयार रथ दंतेवाड़ा और जशपुर लिए रवाना हो गई है. 12 सितंबर को दंतेवाड़ा और 16 सितंबर को जशपुर से बीजेपी की परिवर्तन यात्रा निकलेगी. जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 12 सितंबर को दंतेवाड़ा से रथ यात्रा का शुभारंभ करेंगे. वहीं जशपुर से आरंभ होने वाली परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 15 सितंबर को करेंगे. दंतेवाड़ा से गीदम तक परिवर्तन यात्रा में भजपा नेता सफर करेंगे. रथ के साथ एलईडी स्क्रीन वाले प्रचार वाहन भी तैयार किए गए हैं.
परिवर्तन यात्रा के दौरान भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जारी आरोप पत्र भी घुमाने का निर्णय लिया है यानी 108 पेज के आरोप पत्र का सारांश पत्रक लोगों को बांटा जाएगा. बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने कहा कि इस परिवर्तन यात्रा के जरिए बीजेपी की योजनाओं को घर घर पहुंचाया जाएगा और कांग्रेस के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया जाएगा.
"भाजपा की परिवर्तन यात्रा: अमित शाह और जेपी नड्डा करेंगे छत्तीसगढ़ में रथ यात्रा का शुभारंभ"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश व्यापी परिवर्तन यात्रा के रथ अपने लक्ष्य पथ पर निकलने सज-धज कर तैयार हैं. पहली रथ यात्रा का शुभारंभ देश के गृहमंत्री अमित शाह 12 सितंबर को दंतेवाड़ा से करेंगे. वहीं जशपुर से आरंभ होने वाली परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 15 सितंबर को करेंगे.
महेश गागड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की भ्रष्ट, निकम्मी और क्रूर सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए जनता बेताब है. जन भावनाओं को विस्तार देने के लिए भाजपा परिवर्तन का शंखनाद करते हुए समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर यात्रा पर निकल रही है. भाजपा की परिवर्तन यात्रा के प्रति जनता में जबर्दस्त उत्साह का माहौल है.
उन्होंने बताया कि परिवर्तन यात्रा के रथ आकर्षक का केंद्र होंगे. दोनों यात्राओं के रथ आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं. रथ की छत पर मंच की व्यवस्था की गई है. इस मंच पर पहुंचने के लिए स्वचालित सीढ़ी की व्यवस्था की गई है.
"छत्तीसगढ़: महिलाएं बन रही हैं स्वावलंबी और आत्मनिर्भर, बीजापुर के महिला समूह का बेकरी उद्योग से सफल कदम"
छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब केवल चार दिवारी तक नहीं सिमटी हैं. प्रदेश की महिलाएं अब आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने पैरो पर खड़ी होकर स्वावलंबी होने की कहानी लिख रही हैं. इसके साथ ही वे आत्मनिर्भर भी हो रही हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर शुरू किये गए महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) से जुड़कर महिलाए आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही हैं.
इसी कड़ी में बीजापुर जिले के रीपा ईटपाल में मथुरा देवी 2 कोतापाल समूह की महिलाओं द्वारा मनवा बीजापुर ब्रांड के बीजावन नाम से रागी बिस्किट, चॉकलेट बिस्किट, नान खटाई टोस्ट जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा रहे हैं. बेकरी उद्योग से समूह की महिलाएं पिछले दो महीने में ही 20 हजार रुपये से भी ज्यादा की आय प्राप्त की है. महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) ईटपाल में समूह की महिलाओं को जून महीने के अंतिम सप्ताह में ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था.
महिलाओं को मिला रोजगार
रीपा ईटपाल में मथुरा देवी 2 कोतापाल समूह से जुड़ी रीना लिंगम, अनिता लिंगम, जयश्री लिंगम, सुशीला कडियल, रजनी पुल्ला और अनिता ने मुक्त कंठ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा ईटपाल ग्राम पंचायत में रीपा केंद्र खोलना एक बहुत ही अच्छी पहल है. जिससे महिलाओं को गांव घर में ही रोजगार प्राप्त हो रहा है और यहां काम करने में अच्छा लग रहा है.
उत्पादों को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद
जिला प्रशासन द्वारा बेकरी खाद्य उत्पादनों की गुणवत्ता और स्वादिष्ट व्यंजन निर्माण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. इसके साथ ही खाद्य सामग्रियों के विक्रय और प्रचार-प्रसार के लिए हर मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर में स्टॉल लगाया जा रहा है. जिससे जिले के सभी अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा खाद्य सामग्रियों की खरीदी की जा रही है और रीपा में बन रहे उत्पादों को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है.