छत्तीसगढ़
"आइटा द्वारा आयोजित टीचर्स के लिए वर्कशॉप: शिक्षकों के लिए शिक्षा का महत्व"
बैरन बाजार स्थित अल-फलाह टावर में "ऑल इंडिया आइडल टीचर एसोसिएशन" आईटा के जानिब से टीचर्स के लिए वर्कशॉप रखा गया जिसमें मेहमान ए खुसुसी जनाब मुबारक कपडी़ साहब (मुंबई) रहे जिन्होंने टीचर्स की बहुत ही बेहतरीन रहनुमाई की, बच्चे और टीचर्स के बीच कैसे ताल्लुक रहे मिसाल देकर समझाएं और बच्चों को पढा़ने के बहुत से आसान टिप्स दिए।
इस प्रोग्राम में आइटा झारखंड के स्टेट प्रेसिडेंट जावेद अख्तर अंसारी साहब ने आईटा की मुहीम का तारूफ कराया और साथ में सेक्रेटरी खालिद इकबाल साहब भी मौजूद रहे। इस प्रोग्राम में तकरीबन 75 टीचर्स शामिल हुए, अंत में छत्तीसगढ़ आइटा के प्रेसिडेंट तूफैल कुरैशी ने सभी का शुक्रिया अदा किया और आगे भी इस तरह के टीचर्स के लिए वर्कशॉप और ट्रेनिंग ऑर्गेनाइज़ करने के बात कही, मंच संचालन जुनैद सिद्दीकी साहब ने किया, कार्यक्रम को कामयाब बनाने में फखरा तबस्सुम साहिबा, जु़वेरिया साहिबा ने अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किसानों के लिए 3700 करोड़ रुपए के बोनस पर प्रतिबंध हटाने की अपील की
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किसानों के बोनस पर लगे प्रतिबंध को हटाने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि किसानों के बोनस की राशि उनका न्यायोचित हक है। वर्ष 2014-15 और वर्ष 2015-16 के दो सालों की बोनस राशि के 3700 करोड़ रुपए किसानों को मिलने थे जो केंद्र सरकार द्वारा बोनस पर प्रतिबंध के चलते अटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि किसानों से वर्ष 2013 में वायदा किया गया था कि उनका एक-एक दाना खरीदा जाएगा, 2100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा और 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। वर्ष 2014 में केंद्र सरकार द्वारा कृषि उपजों पर बोनस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके चलते किसानों को वर्ष 2014-15 तथा वर्ष 2015-16 का बोनस नहीं मिल पाया। ये राशि 3700 करोड़ रुपए की है जो अब तक किसानों को अप्राप्त है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2013-14 में पूर्ववर्ती सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य जो कि 1350 रु. प्रति क्विंटल था, पर धान की खरीदी की। मई 2014 में केन्द्र में सरकार बनते ही केन्द्र सरकार द्वारा कृषि उपजों पर दिये जाने वाले बोनस पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया था, जिसके कारण पूर्ववर्ती सरकार में राज्य के किसानों को वर्ष 2014-15 तथा वर्ष 2015-16 का बोनस नहीं दिया।
किसानों के रोष के भय से केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2016-17 के लिये राज्य के किसानों को दिये जाने वाले बोनस के प्रतिबन्ध को हटा लिया गया। फलस्वरूप पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में खरीदे गये धान पर 300 रूपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को बोनस दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2018 में उनकी सरकार के गठन के बाद केन्द्र सरकार द्वारा जून 2019 में धान खरीदी पर बोनस दिये जाने पर पुनः प्रतिबन्ध लगा गया, जो अभी भी जारी है। जिसके कारण देश के किसी भी किसान को कृषि उपज पर बोनस नहीं मिल पा रहा है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों की दृष्टि से प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा है कि किसानों को दिये जाने वाले बोनस पर केन्द्र सरकार द्वारा लगाये गये प्रतिबन्ध को वापस लेने का कष्ट करें ताकि किसानों को उनके न्यायोचित हक की बकाया राशि प्राप्त हो सके।
"बस्तर में भाजपा की सभा में लाखों की संख्या में आकर कांग्रेस की हवा निकाली: अरुण साव"
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अरुण साव ने कहा है कि प्रदेश में परिवर्तन यात्रा को मिले रेस्पॉन्स से भूपेश सरकार पूरी तरह घबरा गई है। बौखलाहट में वह अब तमाम लोकतंत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख कर असभ्यता और आशालीनता पर उतर आई है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में आज तक ऐसा नहीं हुआ, जब प्रधानमंत्री के आगमन पर राज्य की किसी सरकार ने बंद आयोजित किया हो और प्रधानमंत्री की सभा में जाने से जबरन रोकने की ऐसी साजिश रची हो। श्री साव ने कहा कि यहां तक कि कांग्रेस की सरकार ऐसी हिम्मत उस पंजाब में भी नहीं कर पाई जहां श्री मोदी जी सुरक्षा से समझौता हुआ था वास्तव में ऐसा कोई राजनीतिक दल कर भी नहीं सकता। खुद कांग्रेस भी अगर महज़ एक राजनीतिक दल होती, तो ऐसी असभ्यता करने के बारे में सोचती भी नहीं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने बुधवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री ने बस्तर की ऐतिहासिक सभा में कहा कि आज कांग्रेस कोई राजनीतिक दल बची ही नहीं है। कथित गांधी परिवार ने कांग्रेस को एनजीओ, कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों को आउटसोर्स कर दिया है। अब कांग्रेस ऐसा गिरोह बन गया है जिसके संचालन का कार्य देशद्रोही और बाहरी तत्वों द्वारा किया जा रहा है। इसी कारण कांग्रेस हर तरह की अराजकता फैला कर देश में अलगाववाद, जातीय व साम्प्रदायिक विभाजन आदि करा कर भी किसी तरह सत्ता कब्जाना चाहती है।
"राज्य स्तरीय अंतर महाविद्यालयीन बैडमिंटन प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित किया गया"
रायपुर: उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के तत्वावधान में शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर महाविद्यालयीन बैडमिंटन(पुरुष/महिला) प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल ने विजयी प्रतिभगियों को बधाई प्रेषित की साथ ही कहा कि अनुशासन और अभ्यास से मार्ग सरल होता है। छत्तीसगढ़ के 10 सेक्टरों रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर, सरगुजा, रायगढ़,महासमुंद से बड़ी संख्या में प्रतिभगियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। विजेताओं में रायपुर सेक्टर महिला वर्ग में विजेता ,उपविजेता महिला वर्ग में दुर्ग सेक्टर ,पुरुष वर्गविजेता दुर्ग सेक्टर ,उपविजेता रायपुर सेक्टर रहा। निर्णायक के रूप में मो. रफीक, प्रमेश खरे, तुलाराम, युवराज, मनोज उपस्थित रहे।
इस प्रतियोगिता में रमा दत्ता, खुशी गुप्ता, राधा, वनीशा, आदित्य दास ,जसमीत सिंह, रोहित सिंह, वर्षित, रेड्डी, शिशिर, छछखेड़े, एम.वी. अभिषेक, तान्या मालिक, आरती,तुलसी ,शुभदा, लुकेश ,अमन, रुद्रमणि, दिगेंद्र, गौरव, कुश, आदि प्रतिभागी सम्मिलित हुए।कार्यक्रम में शिक्षा विभाग से पर्यवेक्षक मीता नायक,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय से संचालक, डॉ. दिनेश नामदेव, डॉ. विकास शाह देवाशी, डॉ. ऋतु पाण्डेय कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कर्मिष्ट संभरकर, महाविद्यालय की प्राध्यापक आई. क्यू. ए. सी.प्रभारी डॉ. उषाकिरण अग्रवाल, डॉ. अजित हुंदैत डॉ. सविता मिश्रा, डॉ. प्रीति शर्मा,डॉ. रश्मि मिंज,डॉ. जया तिवारी डॉ. मनीषा मिश्रा श्रीमती चंद्रज्योति श्रीवास्तव ,मंजू कोचे,एवं महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक,सहा. प्राध्यापक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कल्पना मिश्रा ने किया।
रायपुर: फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में आरटीओ एजेंट का पर्दाफाश, कई लोगों को फर्जी लाइसेंस बनाकर धोखा देने का आरोप
रायपुर: परिवहन विभाग की आनलाइन लाइसेंस बनाने की सेवा का फर्जी लाइसेंस बनाने वाले बेजा फायदा उठा रहे है।ताजा मामला कचना इलाके का है जिसमें एक आरटीओ एजेंट ने फर्जी लाइसेंस बनाकर कई लोगों को बांट दिया।
जब एक लाइसेंसधारी ने आरटीओ ऑफिस जाकर इस लाइसेंस की सत्यता जांच कराई तो फर्जी लाइसेंस होने का खुलासा हुआ।मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है। कचना के एक निजी सोसायटी के रहने वाले राजेश शर्मा ने 2 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई कि कॉलोनी के रहने वाले ऋषभ बोथरा ने फर्जी लाइसेंस बनाया है।
आरोपी ने खुद को आरटीओ एजेंट बताया और आसानी से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर देने की बात की।कॉलोनी के 6 से 7 लोगों ने उसे लायसेंस बनवाने का काम दे दिया।जिसके एवज में उसने कई डॉक्यूमेंट लिए और 25 हजार रुपये वसूल लिया। फिर कुछ दिनों बाद लाइसेंस की कॉपी भी लाकर दिया। पीड़ित राजेश शर्मा को ड्राइविंग लाइसेंस पर शक हुआ तो वे RTO ऑफिस पहुंचकर जांच करवाई तो वह फर्जी निकला। इसके अलावा सोसाइटी के कई लोगों के लाइसेंस का नंबर भी एक निकला। इन सभी लोगों ने उसी व्यक्ति से लायसेंस बनवाया था। इस मामले में विधानसभा पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच कर रही है। न
भरोसे का सम्मेलन: रायगढ़ के कोडातराई में मल्लिकार्जुन खरगे और भूपेश बघेल होंगे मौजूद, हितग्राहियों को वितरित होंगे लाखों रुपए की सामग्री और सहायता
रायपुर: रायगढ़ के कोड़ातराई में 4 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से भरोसे का सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा व सांसद मल्लिकार्जुन खरगे व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसमें शामिल होंगे तथा आमसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर प्रदेश के 82 चयनित विकासखण्डों में निर्मित होने वाले जैतखाम का शिलान्यास होगा तथा शासन की विभिन्न योजना के 3088 लाभान्वित हितग्राहियों को 9 करोड़ 8 लाख 35 हजार रूपये की सामग्री व सहायता राशि वितरित की जाएगी। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय उपलब्धियों एवं योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी।
भरोसे के सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान)के तहत 539 स्व-सहयता समूहों को 80 लाख 45 हजार रूपये की चक्रीय निधि एवं 1189 समूहों को 7 करोड़ 13 लाख 40 हजार रूपये की सामुदायिक निवेश निधि की राशि प्रदान की जाएगी। इसी तरह श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक औजार सहायता योजना एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत 1317 हितग्राहियों को 98 लाख 71 हजार रुपये मूल्य की सामग्री वितरित की जाएगी।
शहीद महेन्द्रकर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रीमती दिलकुंवर राठिया को 4 लाख तथा श्रीमती उर्मिला राठिया को 2 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग के तहत किसान समृद्धि योजना अंतर्गत 3 लाख 79 हजार रुपये की लागत से 13 हितग्राहियों को नलकूप खनन एवं अनुदान एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत पम्प सेट का वितरण किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग अंतर्गत सहायक उपकरण योजना के तहत ट्रायसायकिल, टीएलएम एवं ब्लाइन्ड स्टिक सहायक उपकरण तथा छत्तीसगढ़ महिला कोष की ऋण योजना के अंतर्गत 9 हितग्राहियों को 6 लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे
रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी छोर पर नये रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण शुरू होगा
रायपुर: रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी छोर पर बने रेलवे अंडर ब्रिज ( ब्रिज नं. 380 ) के एक्सप्रेस वे की तरफ पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य किया जाना प्रस्तावित है जिसमें वर्तमान एक्सप्रेस वे को तोड़कर अंडरब्रिज के लेवल से सड़क सतह को ढलान के साथ नीचा किया जाना है.
जिसकी अनुमति दिनांक 31.08.23 अतिरिक्त प्रबंधक संचालक छत्तीसगढ़ रोड़ एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, रायपुर द्वारा प्रदान की गयी है. रायपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क को फाफाड़ीह की तरफ बने ओवरब्रिज के ढलान के बाद बंद किया जाएगा. यह कार्य दिनांक 30/09/23 से 28/12/23 तक किया जाएगा. अतः रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंच वाली लेन को दिनांक 30/09/23 से 18/11/23 एवं रायपुर रेलवे स्टेशन से जाने बोली लेन को दिनांक 30/09/23 से 28/12/23 तक बंद किया जाएगा.
मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ दौरे पर, रायगढ़ में 'भरोसे का सम्मेलन' का आयोजन।
रायपुर: छत्तीगसढ़ में चुनाव के मद्देनजर दिग्गज नेताओं का बैक टू बैक दौरा जारी है. इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. वे यहां रायगढ़ जिले के कोंड़ातराई में आयोजित ‘भरोसे का सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे.
बता दें कि खड़गे का बीते 2 महीनों के भीतर यह चौथा दौरा है. इससे पहले वे जांजगीर-चांपा जिला में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में शामिल हुए थे। इसके बाद राजनांदगांव और फिर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला में कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
मल्लिकार्जुन खड़गे का मिनट टू मिनट कार्यक्रम
- खड़गे विशेष विमान से सुबह 11 बजे दिल्ली से उड़ान भरेंगे.
- विमान दोपहर 12:30 बजे रायगढ़ रायगढ़ एयर स्ट्रीप में लैंड करेगा.
- खड़गे रायगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए कार्यक्रम स्थल कोंड़ातराई के लिए रवाना होंगे.
- कोंड़ातराई में दोपहर 1 बजे से साढ़े 3 बजे तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे.
- कार्यक्रम के बाद खड़गे हेलीकॉप्टर से रायगढ़ एयर स्ट्रीप लौटेंगे और वहां से साढ़े 5 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे.
- फ्री NEET और JEE की कोचिंग का सीएम भूपेश बघेल ने किया शुभारंभ, हर विकासखंड में खुलेंगे PSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाईन कोचिंग सेंटर
गौरतलब है कि रायगढ़ में आयोजित ‘भरोसे का समेलन’ के दौरान सीएम भूपेश बघेल रायगढ़ जिले के लिए कई सौगातों की घोषणा भी करेंगे. सभा स्थल पर पिछले चार साल के दौरान कांग्रेस की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इस कार्यक्रम में प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता भी शामिल होंगे.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, मतदाताओं की संख्या और तैयारियों की बढ़ती स्पीड
रायपुर (वीएनएस): विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर बुधवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में 18 लाख 68 हजार 636 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 10120830 पुरुष 10239410 महिला मतदाता हैं। फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चार अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पहले से तय हो चुकी है। इससे पहले 28 सितंबर तक दावा आपत्तियों का निराकरण किया गया।
सूत्रों के मुताबिक आचार संहिता की घोषणा इसी हफ्ते कभी भी हो सकती है। संभवत: सात से 12 अक्टूबर के बीच आचार संहिता लागू हो सकती है। आचार संहिता के लागू होते ही प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों में रोक लग जाएगी। साथ ही राजनीतिक पार्टियों के लिए सरकारी सुविधाओं और खर्चें का फंड भी रोक दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में 2.03 करोड़ से अधिक मतदाता
11 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 2.03 करोड़ हो चुकी है। इसके बाद भी कई नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। बुधवार को निर्वाचन कार्यालय में अधिकारी अंतिम मतदाता सूची की जानकारी देंगे। अधिकारियों के मुताबिक चुनाव आयोग की सुविधा के मुताबिक छूटे हुए मतदाता नामांकन के चार दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
पारदर्शी चुनाव के लिए इन विभागों को भी जिम्मेदारी
निर्वाचन कार्यालय ने मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। इस वर्ष प्रदेश में 24000 से अधिक बूथ है। प्रदेश में पारदर्शी चुनाव के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष तैयारियां की जा रही है। पारदर्शी चुनाव के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार के विभागों को सामूहिक जिम्मेदारी सौंपी है।
पुलिस, आयकर, आबकारी, वन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, डीआरआइ, परिवहन विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, रिजर्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सीजीएसटी, एसजीएसटी, डाक विभाग, उड्डयन विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, भारतीय रेलवे, ब्यूरो आफ सिविल एविएशन अथारिटी सहित अन्य विभागों को दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया है।
बिलासपुर: संत रितेश्वर महाराज ने शराबबंदी की मांग की, छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश में।
बिलासपुर: वृंदावन के संत रितेश्वर महाराज मंगलवार को बिलासपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि नशा का उन्मूलन हो, इसके लिए मेरा प्रयास जारी है. छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में शराबबंदी होनी चाहिए. हम अपने आने वाले पीढ़ी को संस्कार दे सकें, यही हमारा मूल कर्तव्य है.
छत्तीसगढ़ी और हिंदी बोलना नहीं आती तो शर्म की बात है- रितेश्वर महाराज
उन्होंने कहा कि धर्म युक्त राजनीति होनी चाहिये, ये देश निरपेक्ष है, धर्म सदा से एक था, एक है और एक रहेगा. आपने सुना है सनातन संस्कृति के उदघोष को धर्म की जय हो. कभी हिंदू धर्म की जय हो इस्लाम धर्म की जय हो, क्रिश्चियन धर्म की जय हो, यह नहीं कहा. यहां के लोग हिंदी समझते न संस्कृत समझते. पर भाषा विलायती बोलते हैं. भारत और छत्तीसगढ़ में रहकर छत्तीसगढ़ी और हिंदी बोलने नहीं आता तो यह शर्म की बात है.
स्टालिन पर बोले रितेश्वर महाराज
एमके स्टालिन के बेटे उदयानिधि के बयान के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्टालिन के पुत्र बहुत अच्छे एक्टर हैं. ना उन्होंने आज तक किसी वेद का अध्ययन किया है, न संस्कृत का, और ये सनातन के विषय में बोल रहे हैं. ये तो ऐसी बात हो गई कि ईएनटी के पास चले जाइये आप अपने हार्ट की सर्जरी करवाने फिर तो भगवान ही आपका मालिक है.
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विक्रम मंडावी और रामकुमार पटेल के स्वास्थ्य की कामना की, जो रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर स्थित निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी और छत्तीसगढ़ शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.
बता दें कि विधायक विक्रम मंडावी सोमवार की शाम सड़क हादसे में घायल हो गए जिससे उनके कंधे में चोट लगी है. विधायक मंडावी को सड़क हादसे के बाद बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है.
भिलाई: भिलाई नगर पालिक निगम क्षेत्र में वार्ड 22 की महिलाएं और बच्चे ने विकास कार्यों के बारे में किए गए भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन किया
भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर पालिक निगम क्षेत्र में कोहका-कुरुद रोड पर वार्ड 22 की महिलाओं और बच्चों ने चक्काजाम कर दिया. चक्काजाम करते ही पुलिस और जोन 2 कमिश्नर प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे. वार्ड की पार्षद अनिता साहू का आरोप है कि वार्ड में विकास कार्यों को लेकर नगर निगम पक्षपाती रवैय्या अपना रहा है. भिलाई निगम के महापौर नीरज पाल केवल कांग्रेस पार्षद वाले वार्डों में विकास कार्य करवा रहे हैं. वार्ड में विकास कार्य नहीं होने से वार्डवासियों में भी नाराजगी दिख रही है.
भिलाई नगर निगम में भाजपा पार्षद वाले वार्डों में विकास कार्यों को लेकर भेदभाव किया जा रहा है. यह आरोप पहले भी लगते रहें हैं लेकिन अब यह आरोप वार्ड 22 कुरूद पार्षद ने लगाया है. क्योंकि भिलाई निगम में कांग्रेस की शहर सरकार है जिनके महापौर नीरज पाल हैं. अपने वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को लेकर आज रुंगटा कॉलेज के पास बीच सड़क पर बैठकर आम जनता को प्रदर्शन करना पड़ा. लगभग एक घंटे तक सड़क पर महिलाएं और बच्चे प्रदर्शन करते रहें. चाक्कजाम की सूचना मिलने के बाद जामुल थाना पुलिस, जोन कमिश्नर और तहसीलदार मौके पर पहुंची और समझाइश देने के बाद जाम हटाया गया.
वार्ड पार्षद अनिता साहू ने बताया कि जब निगम की नई सरकार बनी है तब से कुरूद वार्ड 22 में एक भी विकास कार्य नहीं हुआ है. पुरानी बस्ती से लेकर सुंदरविहार कॉलोनी तक सड़कों का आभाव है. कई जगह सड़के नहीं है जो बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील है. वार्ड की कॉलोनियों में पानी निकासी के लिए नालियों का आभाव है. प्रपोजल भेजने के बाद भी कार्यों की स्वीकृति नहीं हुई है. पार्षद का आरोप है कि जिन वार्डों में कांग्रेस के पार्षद हैं उन वार्डों में कार्य हो रहे हैं और जहां निर्दलीय व भाजपा के पार्षद हैं उन वार्डों में भेदभाव पूर्ण कार्य हो रहा है. वहीं वार्ड कें बच्चों ने वार्ड में एक भी खेल मैदान नहीं होने की शिकायत की जिसके कारण उन्हें कई परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के बयान का पलटवार किया: 'जितने कुत्ते-बिल्ली घूमने नहीं आते, उतने ED-IT वाले घूम रहे'
रायपुर: बस्तर के सरकारी कार्यक्रम में आज सरकार के किसी मंत्री के नहीं पहुंचने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डर वाले बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारों तक को जेल में डाल देते हैं, इसलिए सब डरते हैं. जितने कुत्ते-बिल्ली नहीं घूमते, उतने ईडी-आईटी वाले घूम रहे हैं, तो डरेंगे ही. जो एक बार जेल चला गया, जमानत ही नहीं होना है तो डरेंगे ही.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर में भाजपा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार पर लगाए आरोपों पर एक-एक कर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे लघु वन उपज भी केंद्र की सरकार खरीदती है, इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे बड़ी झूठ की बात और क्या हो सकती है, समर्थन मूल्य घोषित करना अलग बात है, वैल्यू एडिशन रोजगार उत्पन्न करना यह काम छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है. पूरे देश का तीन चौथाई लघु वनोपज छत्तीसगढ़ से खरीदा जाता है. मध्य प्रदेश में भी उनकी सरकार है वहां क्यों खरीदी नहीं होता?
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग में भी यह बात मैंने उठाई थी, भारत सरकार को चिट्ठी लिखी कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य तो घोषित कर दो, वह तो घोषित नहीं किया, राज्य सरकार ने घोषित किया और खरीदी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मिलेट मिशन चल रहा है तो घोषणा तो कर सकते है, एमएसपी भी घोषित नहीं किया, वह एमएसपी भी राज्य सरकार ने ही घोषित किया, और खरीदी हम लोग कर रहे हैं. सबसे बड़ा मिलेट्स प्लांट छत्तीसगढ़ के कांकेर में हैं.
कांग्रेस शासित राज्यों में अपराध को लेकर कॉम्पटीशन हो रहा है, कौन आगे है? प्रधानमंत्री के इस बयान पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मणिपुर के बारे में कुछ नहीं बोलेंगे? आदिवासी को मारा जा रहा है, बेटियों को निर्वस्त्र घुमाया जा रहे हैं, वहां के बारे में नहीं बोलेंगे? भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल से तुलना कर लें. 15 साल सरकार रही है कितनी आदिवासियों को नक्सली बताकर जेल में ठूंस दिया गया, कितने लोगों को फर्जी एनकाउंटर पर मारा गया, यह बताने की जरूरत है क्या?
उन्होंने कहा कि आज बस्तर में शांति है, बस्तर शांति की ओर लौट रहा है. नक्सली बहुत पीछे चले गए. आज उतना दहशत नहीं है जो उनके शासनकाल में थी, आज आराम से सब लोग छत्तीसगढ़ में देर रात तक परिवार के साथ घूम पाते हैं, कितनी बेटियां-बहने झांकी देखने आए. रात तक सड़कों पर घूमते रहे. यह लोगों का विश्वास है, घटनाएं कई जगह घटती हैं पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, इनके जैसे नहीं. बीजेपी के लोगों के लिए अलग कानून, आम जनता के लिए अलग कानून.
प्रधानमंत्री का बयान विकास कांग्रेस के तिजोरियों में दिखता है, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,75,000 करोड़ रुपए बटन दबाकर सीधे खाते में गया है. रमन सिंह जैसे नहीं, उन्होंने कहा था एक साल कमीशनखोरी बंद कर दो, यदि मोदी जी रमन सिंह की बात नहीं सुन पाए तो वीडियो क्लिप भेज देंगे.
पीएससी मामले में प्रधानमंत्री मोदी का बयान हमारी सरकार आयी तो आरोपी जेल की सलाखों में जाएगा, इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि रमन सरकार के कार्यकाल में गड़बड़ी पर तो पहले कार्रवाई कर लें. डोंगरे ने जो कोर्ट में फाइल किया था क्यों सुप्रीम कोर्ट गया? आरोपी यह बताएं. प्रधानमंत्री ने 2014 में धमतरी में कहा था कि सरकार बनते ही 15 दिन के भीतर झीरम घाटी के आरोपी जेल के पीछे होंगे. कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक पूछताछ क्यों नहीं की? गणपति से पूछताछ क्यों नहीं की थी? केंद्र सरकार सरेंडर करने के बाद नौकरी तो नहीं दे दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल तो उनकी सरकार थी, बल्कि हमारी सरकार में रॉयल्टी बढ़ी है. हमने रॉयल्टी बढ़ाया है. हमको ज्यादा पैसा मिला है, उनके शासनकाल से 13,000 करोड़ ज्यादा मिला है. गड़बड़ी है तो उनके शासनकाल में हुई, राजनांदगांव जिला से आयरन की ट्रक भर-भर के रायपुर आई थी, रमन सिंह के शासनकाल में. आज सब बंद है. उनके शासनकाल में यात्री ट्रेनें बंद हैं, सामान ढुलाने वाली ट्रेन राइट टाइम चल रही हैं. प्रधानमंत्री बिलासपुर आए थे, अभी जगदलपुर में हैं. बताये यात्री ट्रेन क्यों बंद हो रहा है?
शांतिपूर्वक किया बस्तर बंद
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नगरनार प्लांट के लिए जमीन तो हम लोगों ने उपलब्ध कराया, एनएनडीसी के लिए प्लांट लगा, प्लांट शुरू होने से पहले ही इसे डिसइन्वेस्टमेंट की लिस्ट में डाल दिया गया, यह कौन सी बात है? प्लांट शुरू नहीं हुआ उसे बेचने की प्लानिंग कर रहे हैं, हम एक ही आश्वासन चाह रहे थे यह जो संयंत्र है वह बिकेगा नहीं, निजी हाथों में मांग केवल इतना ही है, इसलिए शांतिपूर्वक बस्तर बंद किया, हमने न चक्काजाम किया, ना रोका. शांतिपूर्वक बस्तर बंद का आह्वान किया है, इसमें हम सफल रहे. प्रधानमंत्री आए और पूरा बस्तर बंद रहा है इस प्रकार की घटना देश में पहली बार आई.
स्पष्ट करें नहीं बचेंगे स्टील प्लांट
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट का मालिक किसी को नहीं बनने देंगे वाले, जनता हमारा समर्थन करेगी, यह कौन सी बात हुई. यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं कि हम निजी हाथों में नहीं बेचेंगे. एनएमडीसी लोहा खोदने वाली कंपनी है, वह नहीं चला सकती तो स्टील प्लांट चलाने सेल को सौंप दें.
"सीएम बघेल ने पीएम मोदी पर निशाना साधा, नगरनार स्टील प्लांट के उद्घाटन के साथ ही सियासत शुरू"
रायपुर: बस्तर में स्थित नगरनार स्टील प्लांट (NMDC) को मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के नाम कर दिया. अब उद्घाटन के साथ ही इस पर सियासत भी शुरू हो गयी है. सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बैक टू बैक ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा कि, बस्तर के लोगों का दबाव काम आया। प्रधानमंत्री को कहना पड़ा कि नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के आदिवासियों का है। हालांकि उन्होंने यह अभी भी नहीं कहा है कि इसका निजीकरण नहीं होगा। कांग्रेस नगरनार को बेचने के ख़िलाफ़ है और रहेगी। अगर वह बस्तर के लोगों का है तो बस्तर के लोगों का ही रहना चाहिए।
इससे पहले सीएम बघेल ने सवाल पूछते हुए कहा था कि ‘नगरनार बचाओ! प्रधानमंत्री जी! आखिर क्या गलती है बस्तर की जनता की? यह कि उन्होंने सभी 12 विधानसभा सीटों और बस्तर लोकसभा में कांग्रेस को क्यों चुना? आप हार जाएंगे तो उनका नगरनार प्लांट (NMDC) निजी हाथों को सौंप देंगे? राज्य सरकार खरीदना चाह रही है, हमें क्यों नहीं दे रहे हैं आप?
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की जनता को नगरनार स्टील प्लांट के साथ-साथ करोड़ों रुपए की योजनाओं का सौगात दी. लालबाग मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी रायपुर से जगदलपुर से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कांकेर जिले के ताड़ोकी क्षेत्र के आदिवासी भाई-बहनों की आर्थिक समृद्धि का रास्ता खुला है. ट्रेन के जरिए ताड़ोकी क्षेत्र के तमाम ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक भोजराज नाग भी रवाना हुए.
"छत्तीसगढ़ के सीएम ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा, बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट को लेकर उठाए सवाल"
रायपुर: बस्तर में स्थित नगरनार स्टील प्लांट (NMDC) को मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के नाम कर दिया. अब उद्घाटन के साथ ही इस पर सियासत भी शुरू हो गयी है. सीएम भूपेश बघेल ने पीएम मोदी पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
सीएम बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा कि- नगरनार बचाओ! प्रधानमंत्री जी! आखिर क्या गलती है बस्तर की जनता की? यह कि उन्होंने सभी 12 विधानसभा सीटों और बस्तर लोकसभा में कांग्रेस को क्यों चुना? आप हार जाएंगे तो उनका नगरनार प्लांट (NMDC) निजी हाथों को सौंप देंगे? राज्य सरकार खरीदना चाह रही है, हमें क्यों नहीं दे रहे हैं आप?
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की जनता को नगरनार स्टील प्लांट के साथ-साथ करोड़ों रुपए की योजनाओं का सौगात दी.
लालबाग मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी रायपुर से जगदलपुर से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कांकेर जिले के ताड़ोकी क्षेत्र के आदिवासी भाई-बहनों की आर्थिक समृद्धि का रास्ता खुला है. ट्रेन के जरिए ताड़ोकी क्षेत्र के तमाम ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक भोजराज नाग भी रवाना हुए.
"रायपुर: डीजे के कानफोड़ू शोर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की कदम बुलाई हाई लेवल मीटिंग"
रायपुर: डीजे के कानफोड़ू शोर को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है. जनहित याचिका को स्वीकार करने के बाद हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथ पत्र मांगा है. जिसके बाद मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों से लेकर प्रदेश के सभी कलेक्टर एसपी तक की बैठक 4 अक्टूबर को आहूत की है.
छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने मुख्य सचिव के इस कदम का स्वागत किया है और आशा रखी है कि प्रदेश को डीजे के आतंक से छुटकारा मिलेगा. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में नितिन सिंघवी विरुद्ध राज्य नामक जनहित याचिका में दिए गए निर्णय का पालन न होने के कारण छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने दूसरी बार उच्च न्यायालय में कलेक्टर और एसपी रायपुर के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की है. उच्च न्यायालय ने अपने हालिया आदेश में लिखा है कि 2016 के आदेश का पालन नहीं किए जाने के कारण डिवीजन बेंच में अवमानना याचिका लंबित है. गौरतलब है कि अभी तक कलेक्टर और एसपी रायपुर चार अवमानना याचिका दायर की जा चुकी है.
शब्दतः और मूल भावना में 2016 के आदेश का पालन कराये प्रशासन
2016 का आदेश पूरे प्रदेश के लिए दिया गया है, जिसमें विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं. समिति ने मांग की है की 2016 के आदेश का शब्दतः और मूल भावना में पूरे प्रदेश में पालन कराया जाए अभी तक राजधानी रायपुर में ही 2016 के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है.
क्या है 2016 का आदेश
वाहनों में बजने वाले डीजे के संबंध में
दिशा निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों में डीजे नहीं बजेंगे, जब भी ऐसे डीजे दिखेंगे उनके स्पीकर उतारे जाने हैं तथा जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही छोड़े जाने हैं. परंतु रायपुर प्रशासन डीजे बज जाने के बाद, ध्वनि प्रदूषण हो जाने के बाद में, कुछ वाहनों को खाना पूर्ति दिखाने के लिए जप्त करता है. कई बार थाने में पेनल्टी लगाकर छोड़ देता है और कई बार कोलाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है. डीजे संचालकों को उनके यंत्र वाहन वापस मिल जाते हैं. पुलिस द्वारा विज्ञप्ति जारी कर कहा जाता है कि डीजे निर्धारित डेसीबल में बजाय जावे जबकि डीजे ही बजाया ही नहीं जाना है. कई बार ध्वनि के निर्धारित मापदंड से अधिक के मापदंड की जानकारी डीजे संचालकों को दी जाती है पुलिस द्वारा डीजे संचालकों की बैठक में यह भी कहा जाता है की स्पीकर वाहन से बाहर नहीं निकले रहने चाहिए नहीं तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही करेंगे, जब कि वाहनों में डीजे लगाने को कोर्ट ने मोटर विहिकल एक्ट का उलंघन माना है.
कोर्ट में शपथ पत्र देने के बाद भी अवमानना याचिका नहीं दायर करता है प्रशासन
कोर्ट द्वारा दिए निर्देशों के अनुसार जब भी कोई आयोजक किसी बर्थडे पार्टी या धार्मिक- सामाजिक आयोजन में ध्वनि प्रदूषण कर्ता है तो प्रशासन उन्हें हाई कोर्ट के आदेश से अवगत कराएगा और वे जब नहीं मानते हैं तो आयोजक के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करनी है. रायपुर कलेक्टर और एसपी ने उच्च न्यायालय में दस महीने पूर्व शपथ पत्र दे रखा है कि दो लोगों के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की जाएगी परंतु आज तक के दायर नहीं की गई है. समिति ने मांग की है की पुलिस डीजे बजाने को मना करती है और ऑर्गेनाइज डीजे बजाते हैं, ऐसे में समिति ने मांग की है की सभी ऑर्गेनाइजर के विरुद्ध कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जावे तथा जो दो अवमानना याचिका अभी तक दायर नहीं की गई है वह कोर्ट में दायर की जावे तभी डीजे के आतंक से प्रदेशवासियों को मुक्ति मिल सकेगी
बसों ट्रकों के प्रेशर हॉर्न नहीं जब्त करती पुलिस और आरटीओ
कोर्ट ने कहा है कि बसों ट्रकों में बजने वाले प्रेशर हॉर्न को तत्काल जप्त करके नष्ट करना है 2016 के आदेश के आने के बाद कुछ समय तक यह कार्रवाई की गई. पिछले कई वर्षों से एक भी प्रकरण प्रेशर हॉर्न निकाल कर नष्ट नहीं किया गया है.
स्कूल, कॉलेज, गवर्नमेंट हॉस्पिटल, कोर्ट और ऑफिस के 100 मीटर के दायरे में नहीं होगा ध्वनि प्रदूषण
कोर्ट ने कहा है कि स्कूल, कॉलेज, गवर्नमेंट हॉस्पिटल, कोर्ट और ऑफिस के 100 मीटर के दायरे में न ध्वनि प्रदूषण हीं होगा. रायपुर की स्थिति के बारे में चर्चा करते हुए समिति के अध्यक्ष विश्वजीत मित्रा ने बताया कि रायपुर शहर की यह स्थिति है कि पिछले वर्ष 900 बिस्तर वाले एम्स अस्पताल के परिसर में ही तीन दिन तक के एक फेस्ट का आयोजन किया गया था जिसकी आवाज 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई देती थी, यही नहीं आए दिन अंबेडकर अस्पताल के सामने, कलेक्ट्रेट के सामने डीजे बजाते हुए रायपुर की जनता देखती है.
आने वाले चुनाव में बजने वाले डीजे के लिए चिंतित है रायपुर की जनता
जिस प्रकार डीजे का आतंक रायपुर शहर में बरकरार है रायपुर की जनता में अब चर्चा हो रही है कि आने वाले कुछ महीने रायपुर शहर की जनता को चुनावी माहौल में बजने वाले ध्वनि प्रदूषण को सहना पड़ेगा.
समिति के सभी सदस्यों ने आशा व्यक्त की है की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में 2016 में दिए गए आदेश का शब्द: और मूल भावना अनुरुप पालन किए जाने के निर्देश दिए जाएंगे और जिला प्रशासन माननीय उच्च न्यायालय के आदेश अनुरूप कार्रवाई करेगा.
"छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: आचार संहिता की संभावना"
रायपुर: भारत निर्वाचन आयोग बुधावर को छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई वोटरलिस्ट का अंतिम प्रकाशन करेगा. जिसके बाद राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले दोपहर एक बजे निर्वाचन कार्यालय में प्रेसवार्ता करेंगी. कयास लगाए जा रहे हैं कि मतदाता सूची जारी होते ही प्रदेश में कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है.
बता दें कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम विलोपन या सुधार कराने के लिए मतदान केंद्रों में विशेष शिविर लगाया जा रहा था. 2 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन किया जा चुका है. ये मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in में भी होस्ट की गई है. साथ ही इसकी एक फोटोयुक्त हार्ड और एक फोटोरहित सॉफ्ट कॉपी प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी जिला स्तर पर बैठक कर प्रदान की जा चुकी है.
बीते 2 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन के साथ ही इसके विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम प्रारंभ हो गया था. 1 अक्टूबर 2023 की अर्हता तिथि में मतदाता सूची में नए नाम जोड़े जाने फॉर्म-6 प्राप्त किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई थी. नाम विलोपन के लिए फॉर्म-7 और किसी तरह के संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भी लिया गया. इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 13 अगस्त, 19 अगस्त और 20 अगस्त को राज्य के सभी 24 हजार 109 मतदान केन्द्रों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया था.